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कुंडा| बिना अनुमति भंडारे पर प्रतिबन्ध लगाने वाले जिला प्रशासन की निगाह शेखपुर के उस मोहर्रम के जुलूस में नहीं गयी जहाँ डीएम द्वारा रोक लगाने के बावजूद नंगी तलवारें लहरायी गयी। सेक्शन 144 के इस उल्लंघन पर प्रशासन ने मुस्लिम युवको पर अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं की है, जो खुल्लम खुल्ला तलवारें लहरा कर कानून की धज्जियाँ उड़ा रहे थे। प्रशासन के इस दोगली रवैये से कुछ हिंदूवादी नेताओं और लोगो में रोष है। इसे उन्होंने प्रशासन का दोहरा मापदंड करार दिया है।
लगभग 4 दिन पूर्व कोतवाली में पीस कमेटी की मीटिंग हुई थी। जिसमें सम्मिलित डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट शंभू कुमार ने साफ शब्दों में कहा था कि कुंडा तहसील पूरे क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू की गयी है। इस कारण से मोहर्रम के जुलूस में भी किसी भी प्रकार का अस्त्र शस्त्र का प्रदर्शन पूर्णतः वर्जित है, इसलिए अस्त्र शस्त्र का प्रदर्शन जुलुस में नही किया जायेगा। लेकिन इतवार को जब कुंडा के शेखपुर आशिक गाँव में मुहर्रम का जुलूस निकला तो उसमें लगभग दर्जनों युवक नंगी तलवारें लहरा रहे थे। इन जुलूस की सिक्यूरिटी में PAC (उत्तर प्रदेश प्रांतीय सशस्त्र सेना) के जवान चल रहे थे और कई मजिस्ट्रेट भी जुलुस में मौजूद थे। मगर किसी अफसर ने जिला मजिस्ट्रेट द्वारा लागू की गयी निषेधाज्ञा के इस उल्लंघन पर प्रतिबन्ध नहीं लगायी।
विश्व हिन्दू परिषद् के नेता जिला प्रशासन के इस दोहरे रवैये से काफी नाराज हैं। विहिप के जिला संगठन मंत्री उमाकांत द्विवेदी का कहना था कि एक ओर नियमों का हवाला देकर प्रशासन ने शेखपुर हनुमान मंदिर पर भंडारा कराने से रोक लगा दिया। दूजी ओर इस प्रकार से खुल्लम खुल्ला निषेधाज्ञा का उल्लंघन होता रहा लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। प्रशसन का यह दोहरा मापदंड नहीं चलने दिया जाएगा।
CRPC के अंतर्गत आने वाली धारा 144 शांति व्यवस्था बरकरार करने के लिए लगायी जाती है। इस धारा को लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट अर्थात जिलाधिकारी एक नोटिफिकेशन इशु करता है। जिस स्थान पर भी यह धारा लगायी जाती है, उस स्थान पर 4 या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते हैं। इस धारा को लागू किए जाने के बाद उस स्थान पर हथियारों के लाने ले जाने पर भी रोक लगा दी जाती है।
क्या है सजा का प्रावधान?
दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) धारा 144 का उल्लंखन करने वाले व्यक्तियों की गिरफ्तारी हो सकती है। उल्लंघन करने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी धारा 107 अथवा फिर धारा-151 के अंतर्गत की जा सकती है। इसमें उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को 1 साल सजा का प्रावधान है। वैसे यह एक जमानती अपराध है, इसमें जमानत हो जाती है।
कुंडा पुलिस का बयान
निषेधाज्ञा में तलवारों पर पूरी पाबंदी थी। शेखपुर के पूरे मुहर्रम की जुलुस की वीडियोग्राफी भी करवायी गयी है। रिकॉर्डिंग की पड़ताल करवायी जायेगी, यदि किसी ने इसका उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
