महाशिवरात्रि 14 को ही है, प्रतापगढ़ी भाई बहन असमंज में न रहें - Pratapgarh Samachar

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सोमवार, 12 फ़रवरी 2018

महाशिवरात्रि 14 को ही है, प्रतापगढ़ी भाई बहन असमंज में न रहें

बाबा घुश्मेश्वरनाथ जी ज्योतिर्लिंग 
पूरे देश की तरह प्रतापगढ़ में भी 2018 में शिवरात्रि का त्योहार शिवभक्तों के लिए बड़ी उलझन लेकर आया है कि महाशिवरात्रि का त्योहार किस दिन मनाया जाएगा।
  प्रतापगढ़ के सभी महादेवालय महाशिवरात्रि 13 फरवरी या 14 को?
  प्रतापगढ़ी भाई बहन असमंजस में न रहें। इस प्रश्न का उत्तर धर्मसिंधु नामक ग्रंथ में दिया गया है। चुंकि लोग दुविधा में हैं कि महाशिवरात्रि 13 फरवरी को मनाए या 14 फरवरी को तो हम बताते हैं धर्मसिंधु नामक ग्रंथ में क्या कहा गया है-

 'परेद्युर्निशीथैकदेश-व्याप्तौ पूर्वेद्युः सम्पूर्णतद्व्याप्तौ पूर्वैव।।'

अर्थात् चतुर्दशी तिथि दूसरे दिन निशीथ काल में कुछ समय के लिए हो और पहले दिन सम्पूर्ण भाग में हो तो उसी दिन यह व्रत करना चाहिए। निशीथ काल रात के मध्य भाग के समय को कहा जाता है।

इस बार ऐसी स्थिति इसलिए बनी हुई है क्योंकि महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। 13 जनवरी को पूरे दिन त्रयोदशी तिथि है और मध्यरात्रि में 11 बजकर 35 मिनट से चतुर्दशी तिथि लग रही है। जबकि 14 फरवरी को पूरे दिन और रात 12 बजकर 47 मिनट तक चतुर्दशी तिथि है।

अत: महाशिवरात्रि का पर्व 14 फरवरी 2018 को मनाया जाना उचित है। बाबा घुश्मेश्वरनाथ धाम, भयहरणनाथ धाम, बेलखरनाथ धाम व हौदेश्वर नाथ धाम में महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त 13 फरवरी की आधी रात से शुरू होकर 14 फरवरी तक रहेगा। शिवरात्रि निशिथ काल पूजा का समय रात 12:0 9 बजे से 13:01 तक रहेगा। मुहूर्त की अवधि कुल 51 मिनट की है।

14 फरवरी को महाशिवरात्रि का पारण होगा। पारण का समय सुबह 07:04 से दोपहर 15:20 तक रहेगा। अत : 14 फरवरी को ही चतुर्दशी तिथि है और इसी दिन पर्व मनाया जाना उचित है।

वैसे तो वर्ष भर में 12 शिवरात्रियां आती है लेकिन इन सभी में फाल्गुन माह की शिवरात्रि को सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण माना जाता है। माना जाता है इस व्रत के प्रभाव से कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर प्राप्त होता है और जिन महिलाओं का विवाह हो चुका है उनके पति का जीवन और स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रहता है।