जनपद की शासन की प्राथमिकताओ एवं विकास कार्यक्रमों के प्रभावी अनुश्रवण एवं स्थलीय निरीक्षण हेतु सचिव, संस्कृति विभाग उ0प्र0 शासन लखनऊ (जनपद के नोडल अधिकारी) जगत राज ने तहसील सदर का निरीक्षण किया। उन्होने संग्रह अभिलेखागार कक्ष का निरीक्षण किया, निरीक्षण दौरान पुताई, साफ-सफाई व्यवस्था के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिये। उसके उपरान्त सचिव जी ने न्यायालय तहसीलदार सदर के निरीक्षण में मुकदमें की फाइल मोहनलाल बनाम जगदेव प्रारम्भ-2004 एवं समर बहादुर बनाम रामसुत प्रारम्भ-2003 का अवलोकन किये जो अभी तक निस्तारित नही हुआ था जिस पर संस्कृत सचिव ने नाराजगी व्यक्त करते हुये तहसीलदार सदर को निर्देशित करते हुये कहा कि उक्त मुकदमों का निस्तारण एक माह के भीतर हो जाना चाहिये और यह स्थिति अत्यन्त असन्तोषजनक है। मुकदमों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिये। उनके द्वारा तहसील सदर के विभिन्न रजिस्टरों का भी अवलोकन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी शम्भु कुमार, पुलिस अधीक्षक सन्तोष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव सहित तहसील सदर के अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद की शासन की प्राथमिकताओ एवं विकास कार्यक्रमों के प्रभावी अनुश्रवण एवं स्थलीय निरीक्षण हेतु सचिव, संस्कृति विभाग उ0प्र0 शासन लखनऊ (जनपद के नोडल अधिकारी) जगत राज ने तहसील सदर का निरीक्षण किया। उन्होने संग्रह अभिलेखागार कक्ष का निरीक्षण किया, निरीक्षण दौरान पुताई, साफ-सफाई व्यवस्था के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिये। उसके उपरान्त सचिव जी ने न्यायालय तहसीलदार सदर के निरीक्षण में मुकदमें की फाइल मोहनलाल बनाम जगदेव प्रारम्भ-2004 एवं समर बहादुर बनाम रामसुत प्रारम्भ-2003 का अवलोकन किये जो अभी तक निस्तारित नही हुआ था जिस पर संस्कृत सचिव ने नाराजगी व्यक्त करते हुये तहसीलदार सदर को निर्देशित करते हुये कहा कि उक्त मुकदमों का निस्तारण एक माह के भीतर हो जाना चाहिये और यह स्थिति अत्यन्त असन्तोषजनक है। मुकदमों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिये। उनके द्वारा तहसील सदर के विभिन्न रजिस्टरों का भी अवलोकन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी शम्भु कुमार, पुलिस अधीक्षक सन्तोष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव सहित तहसील सदर के अधिकारी उपस्थित रहे।

