अभी परसों ही प्रतापगढ़ शहर में चेकिंग करते हुए प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने भाजपा कार्यकर्ता के साथ जो गाली गलौच किया था। उसको खुलासा इंडिया नामक न्यूज़ पोर्टल ने कवर किया और पीड़ित से एक वीडियो बाईट लिया गया। यह वीडियो बाईट यूट्यूब पर डाल दिया गया जिससे वह व्हाट्सएप के अनेक ग्रुपों में और फेसबुक पर वायरल जो गया। जिसकी वजह से प्रतापगढ़ पुलिस को सफाई देनी पड़ी। लेकिन ऐसा क्या है जो प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक से प्रतापगढ़ जिले के ज्यादातर विधायक और वर्तमान सांसद सहित मंत्री महेंद्र सिंह तक नाराज हैं। अधिकतर भाजपा के कार्यकर्ता का सोचना यह है कि आखिर क्या वजह है कि पुलिस अधीक्षक व उनकी पुलिस भाजपाईयों को प्रताड़ित कर रहे हैं।
आइये अब आते हैं असल मुद्दे पर, भाजपा नेता कम कार्यकर्ता ज्यादा स्कन्द तिवारी के साथ परसों वाहन चेकिंग में स्वयं पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम द्वारा की गई गाली गलौच को प्रतापगढ़ पुलिस के वेरिफाइड ट्वीटर एकाउंट द्वारा से सफाई दी गयी कि गाड़ी चेकिंग के दौरान भाजपा नेता से कोई बत्तमीजी नहीं हुई। जबकि स्कन्द ने इस सफाई को बिल्कुल गलत बताया है और कहा है कि वह एक जिम्मेदार नागरिक और शिक्षक हैं। साथ ही साथ वह भाजपा के कार्यकर्ता हैं तो कागज न रखना यह कभी हो ही नहीं सकता है।
अभी पिछले महीने ऐसे ही भाजपा कार्यालय के अन्दर सी.ओ. और कोतवाल द्वारा घुसकर जिला विस्तारक के साथ की गई मारपीट के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक ने सफाई दी थी, बाद में क्या हुआ पुलिस अधीक्षक द्वारा सफाई देने के बाद भी कोतवाल का गैर जनपद तबादला हुआ और सी.ओ. को सर्किल बदलकर पट्टी में तैनात करना पड़ा। इस बार तो पुलिस अधीक्षक पर खुद आरोप लगा है कि उन्होंने एक शिक्षक को, एक भाजपा नेता कम कार्यकर्ता को गंदी गंदी गालियां दी हैं और सरेआम बेइज्जत किया है। वैसे आपको बता दें कि पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम का प्रतापगढ़ का कार्यकाल ऐसा रहा कि सत्ताधारी दल के नेताओं से ही उनका विवाद होता रहा है।
लेकिन इसके बावजूद उनकी कप्तानी बरकरार रही और सत्ता पक्ष के नेताओं में ही आपस में मतभेद हो गए। जहां गठबंधन दल के विधायक संगम लाल गुप्ता, डॉ आर के पटेल और प्रतापगढ़ के अपना दल के सांसद कुंवर हरिबंश सिंह एवं भाजपा विधायक धीरज ओझा शुरू से ही पुलिस अधीक्षक का विरोध करते रहे हैं। पुलिस अधीक्षक व इन नेताओं के बीच की स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के यहाँ पेशी तक हुई। जिले के तीनों विधायकों और सांसद की शिकायत थी कि पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मोती सिंह जो प्रतापगढ़ के ही पट्टी के विधायक हैं उनकी छत्रछाया में रहते हुए भाजपा पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का अपमान कर रहे हैं । खुद विधायकों व सांसद ने शगुन गौतम पर आरोप लगाया कि उनकी सही बात को भी पुलिस अधीक्षक नजरअंदाज कर रहे हैं। क्योंकि वो एक जनप्रतिनिधि हैं तो पुलिस अधीक्षक को उनकी बात सुननी चाहिए ।
विधायकों व वर्तमान सांसद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत के बाद जिले में ऐसा हवा बनाई गई कि अब प्रतापगढ़ में पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम का तबादला सुनिश्चित है। मुख्यमंत्री के यहाँ हुई पंचायत को भी बीते एक माह हो गए, परन्तु अभी तक पुलिस अधीक्षक का बना रहना विपक्षी दलों के विधायकों व उनके कार्यकर्ताओं द्वारा सत्ता पक्ष के नेताओं पर फब्ती कसने के लिए पर्याप्त है।
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में राष्ट्रीय सचिव एवं असम प्रदेश के प्रभारी व योगी सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री डॉ महेंद्र सिंह जो खुद प्रतापगढ़ के निवासी हैं । वह भी पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम के क्रिया कलाप से नाराज हैं और उनका खुद कहना है अपराध पर नियंत्रण में प्रतापगढ़ की पुलिस बुरी तरह से फेल है। मंत्री ने बातों-बातों में वर्तमान पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम के तबादला तक किये जाने की बात को ऐलान कर दिया है। अब राजनीति के धुरंधर और प्रशासनिक अधिकारी के इस मनमुटाव का क्या हश्र होता है यह समय ही बताएगा।
बुधवार, 28 फ़रवरी 2018
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आखिर पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम से मंत्री मोती सिंह छोड़ बाकी नेता नाराज क्यों हैं ? जानिए पूरी बात ..
आखिर पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम से मंत्री मोती सिंह छोड़ बाकी नेता नाराज क्यों हैं ? जानिए पूरी बात ..
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प्रतापगढ़िया रिपोर्टर : Pratapgarh Samachar
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