प्रतापगढ़ जिले में भ्रष्टाचार हमेशा अपने चरम पर ही रहता है चाहे हजार डीएम बदल दो चाहे सपा की सरकार रही हो चाहे भाजपा की प्रतापगढ़ वासियों को भ्रष्टाचारियों द्वारा की जा रही करतूतों से कोई नहीं बचा सकता है। प्रतापगढ़ क्षेत्र की कुछ सड़कों पर जाने का मन ही नहीं करता लेकिन क्यों? क्यों कि लोग 10 किमी का चक्कर लगाना ज्यादा पसंद करते हैं लेकिन वो ऐसा करते क्यों है। अरे भाई प्रतापगढ़ में कई सड़कों पर गड्ढों की कुछ ऐसी भरमार है कि गाड़ी चलाना तो दूर पैदल भी चलना मुश्किल है। गाड़ी घोड़ा गाड़ी हो जाती है और मोटरसाइकिल साइकिल ।
पीडब्ल्यूडी विभाग के पास पैसा यदि विकास के लिए आता भी है तो उसे बंदरबांट करने का जुगाड़ लगा लिया जाता है। पैसा योगी सरकार ने दिया था लेकिन कुछ गड्ढों को विभाग ने बिना ठेकेदार के ही खुद ही भरवा दिया लेकिन भरवाया क्या जन्म रोया है समझ लो अभी भी गड्ढों से भरी सड़कें प्रतापगढ़ का स्वागत करती हैं लेकिन सरकारी कागज पर सड़क गड्ढामुक्त हो गई। वहीं ठेके की मलाई छांटने वाले ठेकेदारों का कहना है विभाग ने इसमें लाखों रुपये का खेल कर लिया है। अरे भाई विभाग को ज्यादा खाने का शौक चढ़ गया होगा ठेकेदारों को क्यों ज्यादा कमवा दें। ठेकेदार कमा से XUV से घूमें यही चाहत ठेकेदारों की पूरी न हुई जिससे वह चिल्ल पों मचाये हुए हैं। सरकार को धोखा दे विभाग वाले भी ठेकेदारों के नक्शेकदम पर चलना चाहते हैं।
प्रतापगढ़ कुंडा की काफ़ी छोटे रुट व कुछ बड़े रुट की सड़कें बेहद बदतर हालत में हैं। इन पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इन सड़कों पर जाने वाले लोग दूसरा रास्ता नाप लेते हैं। दूसरे रास्ते पर जाने का सीधा कारण है कोई झटका नहीं खाना चाहता और न ही अपनी शरीर अपनी मोटरसाइकिल खराब करना चाहता है। सड़कों का नाम लिखने लगेगें तो लिखते ही रह जाएंगे इसीलिए आपको भी पता है और नेताओं को भी और विभाग को भी इन सड़कों को सरकारी दस्तावेजों में विभाग ने गड्ढा मुक्त दिख दिया है और मरम्मत के लिए मिलने वाला पैसा डकार जाने की फिराक में हैं । यह हम नहीं वही मलाई खाने वाले ठेकेदार अपनी दबी जुबान में कह रहे हैं।बाहर के लोग इन सड़कों अपने वाहन लेकर जाना भी पसंद नहीं करते हैं। इन सड़कों पर चलने वाले लोगों ने खूब शोर मचाया तो विभाग ने लिखापढ़ी की लेकिन हुआ क्या इसके बाद सड़क के मरम्मतीकरण के लिए पैसा आ गया और विभागीय लोगों ने पचाने की तैयारी शुरू कर दी। अब इस पैसे को भ्रष्टाचारियों द्वारा गप्प कर लिया जाएगा।
सड़क गड्ढायुक्त होने के कारण राहगीरों का चलना दुःखदायी है। विभाग ने भी कागजों पर अपना पूरा कार्य कर लिया है। एक मीडिया समूह ले पत्रकार द्वारा जब इस बारे में एक्सईएन निर्माण खंड दो के अधिशाषी अभियंता हरिश्चंद्र त्रिवेदी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि गड्ढे अगर हैं तो उसे ठीक कर देंगे। गहराई से सवाल पूछने पर जानकारी से किनारा करते हुए उन्होंने आगे कुछ कहने से इनकार कर दिया।
शनिवार, 24 मार्च 2018
अरे भाई गड्ढे न देखिए, कागजों में जिले की सड़कें गड्ढामुक्त हैं
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प्रतापगढ़िया रिपोर्टर : Pratapgarh Samachar
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