पिछले दस वर्षों से बन रहा जिले का महत्वपूर्ण फ्लाईओवर अब बन कर तैयार हो गया है। प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय से दक्षिण में और चिलबिला जंक्शन है।जिससे होकर फैजाबाद-इलाहाबाद और लखनऊ-वाराणसी की रेलगाड़ियां गुजरती हैं। यहीं पर फैजाबाद-इलाहाबाद मुख्यमार्ग पर रेलमार्ग के ऊपर फ्लाईओवर बन रहा था। इस रेलमार्ग से दिन भर पचास से अधिक रेलगाड़ियां गुजरती हैं,
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जिसकी वजह से फैजाबाद-इलाहाबाद मुख्य मार्ग पर घंटों तक जाम लग जाता था। इससे सबसे ज्यादा परेशानी स्कुली बच्चों और मछली मण्डी जाने वाले लोगों को होती थी। साल 2007 में तत्कालीन सांसद अक्षय प्रताप सिंह की मौजूदगी में कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह "राजा भइया" ने चिलबिला क्रासिंग पर ओवरब्रिज का शिलान्यास किया था, 2009 में चुनी गई सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह द्वारा शिलान्यास कर दिया गया। इसके बाद ओवरब्रिज के लिए 34.07 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने जारी किया। भारतीय रेलवे के हिस्से के ओवरब्रिज का निर्माण कार्य 5.66 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2011 में शुरू किया गया और 1वर्ष में बनकर तैयार हो गया। बाकी बचे फ्लाईओवर व अप्रोच मार्ग के निर्माण का ठेका एस.एच. इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड जगदीशपुर को मिला। 26 करोड़ रुपये की लागत से इस कार्य की शुरूआत मई 2014 में हुई, निर्माण के लिए दिसंबर 2015 तक का समय दिया गया था। लेकिन हीलाहवाली के कारण तय समय में काम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद ठेकेदार को साल 2016 में ही एक बार जून, फिर अक्टूबर का समय दिया गया फिर भी काम पूरा नहीं हुआ और इसके बाद साल 2017 में एक बार फिर फरवरी 2017 फिर मई 2017 तक का समय दिया गया था। इसी बीच दो बार वर्तमान सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने उद्घाटन कर दिया। मई 2017 तक भी ओवरब्रिज बनकर तैयार नहीं हुआ था अब जाकर ढाई महीने बाद ब्रिज तैयार हुआ है। लेकिन अभी भी उद्घाटन लायक नहीं हुआ है। यह 10 सालों से बन रहा फ्लाईओवर अब जाकर प्रतापगढ़ के वर्तमान सांसद कुंवर हरिवंश सिंह के कार्यकाल में बन कर तैयार हुआ है और जैसा कि लग रहा है जल्द ही जनता को समर्पित होगा । फिलहाल उत्साही प्रतापगढ़िया जनता बिना किसी उद्घाटन के ही फ्लाईओवर का प्रयोग प्रारंभ कर दी है।