पूर्व कोटेदार की हत्या - Pratapgarh Samachar

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शुक्रवार, 30 जून 2017

पूर्व कोटेदार की हत्या



बिहार: जिले के बिहार ब्लाक अंतर्गत आने वाले पंचमहुआ गाँव में मारे गए बाबूलाल के पास चालीस वर्ष से गाँव के राशन का कोटा था। पंद्रह वर्ष बाबूलाल ने  स्वयं का कोटा चलाया, बाद में जब उसे गाँव के बाबा बेलखरनाथ धाम जूनियर हाईस्कूल में चौथे श्रेणी में सरकारी नौकरी मिली तो उसने राशन के कोटे पत्नी गुड़िया को सौंप दिया। जो 25 वर्ष से कोटेदार हैं। कोटे के बूते गाँव की राजनीति में बाबूलाल का विशेष रसूख बना, लेकिन अंत में यही  कोटे के विवाद के कारण उनकी मृत्यु की वजह भी बनी।

पंचमहुआ ग्राम के प्रधान धीरेंद्र यादव हैं जो ब्लाक प्रमुख, बिहार के बाबा हैं। प्रधानी का बुनियादी तौर पर कार्य  ब्लाक प्रमुख का भाई रवि करता है। ज्ञात हुआ है कि गाँव के प्रधान राशन का कोटा दूसरे व्यक्ति को देना चाहते थे, इसलिए शिकायतों आदि का अनुक्रम भी काफी लम्वे वक्त से चला आ रहा था। इस प्रकरण को लेकर ब्लाक प्रमुख तथा बाबूलाल के मध्य एक रंजिश चली आ रही थी। प्रधान के निकटवर्ती गाँव के पंकज मिश्रा (हत्या के आरोपी) ने कोटा पाने की कोशिश कर रहा था। इस हेतु उसने कुछ दिन पहले जिलाधिकारी से कम्प्लेन भी की थी, जिसकी खोजबीन BDO बाबागंज को मिली थी। कहा जा रहा है कि BDO ने प्रेशर में बिना खुली मीटिंग  कराए ही कोटा निलंबन की सिफ़ारिश SDM से कर दी थी। लेकिन बाबूलाल ने ग्राम पंचायत सदस्य धर्मराज, किशोरीलाल और गया प्रसाद सहित SDM को शपथ पत्र देकर कोटे सही तरीके से चलने का एफिडेविट दिया था। जिसके पश्चात् कोटे की दुकान के निलंबन को रोक दिया गया था। यहां से शत्रुता और बढ़ गई थी। बुधवार की रात हुई घटना रंजिश का नतीजा है, ऐसा पुलिस को प्रारंभिक पडताल में लग रहा है।