![]() |
| मंत्री मोती सिंह और डी एम शम्भू कुमार के साथ भूमाफिया |
पिछले समाचारों से आपको पता ही हीग कि मामला चिलबिला पश्चिमी की विधवा औरत सन्नो देवी के अहाता स.167/228 के नगरपालिका में नामांतरण हेतु विचाराधीन पत्रवाली स.1284 में उपरोक्त बताये गए अभियुक्तगण ने बड़ी धोखाधड़ी करते हुए जालसाजी से कूटरचित कागजात तैयार कर
उक्त पत्रावली में दाखिल कर दिया था। इनका पूरा प्लान था कि विधवा सन्नो देवी का घर हड़प लें। भूमाफिया रोशनलाल उमरवैश्य अन्य लोगों का आपराधिक इतिहास इस प्रकार हैं-
1:- मु.अ.स.-398/2014
अं. धारा-419/420/467/469/471आई.पी.सी.
2:- मु.अ.स.--604/2017
अं0 धारा- 419/420/467/468/471/504/506/120B आई.पी.सी
3:- मु.अ.स.-813//2013
अं.धारा- 419/420/467/468/469/471 आई.पी.सी.के तहत दर्ज हुआ है।
4:- मु.अ.स.-637/2017
अंपराध धारा- 419/420/467/468/471आई पी सी,थाना-कोतवाली नगर,प्रतापगढ़॥
उक्त समाजसेवी व अन्य जो कि असली में भूमाफिया हैं। इनमें से रोशनलाल उमरवैश्य द्वारा चिलबिला के एक सरकारी तालाब गाटा सं.1330 रक़बा 0.871 हेक्टेयर पर भी अवैध कब्जा कर लिया गया है। कितनी बड़ी धूर्तता है।
सपा शासन में रोशन लाल उमरवैश्य अपने सभासद भाई व अधिकारियों तक लंबी पहुंच रखते थे और पैसों की कमी न होने के कारण इस भूमाफिया ने अपनी दबंगई और विश्वासघात कर कूटरचना कर प्रतापगढ़ में जमीन को कब्जा करने में बहुत ज्यादा चलती है। सबसे बड़ी बात यह है कि नए नए आये हुए जनपद के जिलाधिकारी महोदय शम्भू कुमार और पुलिस अधीक्षक इन भूमाफियाओं/अभियुक्तों पर कब कार्यवाही करेंगे। क्या ये गैंगेस्टर ऐक्ट के तहत कार्यवाही करेंगे? हमें नहीं लगता कुछ होने वाला है
क्यों कि कल कैबिनेट मंत्री का प्रतापगढ़ में कार्यक्रम था उसी कार्यक्रम में भूमाफिया व स्वघोषित समाजसेवी के रूप में प्रसिद्घ रोशनलाल उमरवैश्य भी मौजूद थे।
अब आप सोचिये की एक भूमाफिया जिसके ऊपर गंभीर आरोप लगे हों वो कैसे प्रतापगढ़ के प्रशासन के अधिकारी और कैबिनेट मंत्री के सरकारी कार्यक्रम में मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है , इसका मतलब दाल में कुछ काला है।



