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| जांच अधिकारी बृजेश मिश्र और भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश त्रिपाठी |
अधिकारी ने फोन से ही कर डाली जांच, भौतिक सत्यापन की आवश्यकता को किया दरकिनार
उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारी जनसुनवाई पोर्टल IGRS की साख को डुबाने में लगे हुए हैं। वहीं जिले के नए डी. एम. शम्भू कुमार IGRS के बेहतरी के लिए बैठक करने जा रहे हैं। अब देखना ये है कि वो कोई कार्यवाही करते हैं या नहीं।
आज भ्रष्ट अधिकारियों का आलम यह है कि शिकायत जिसके विरुद्ध रहती है, जांच भी उसी से ही करवाकार इसका निस्तारण कर दिया जाता है। शिकायतकर्ता अपना सिर पकड़ बैठ जाता है वो कर भी क्या सकता है। क्यों कि उससे एक बार पूछा भी नहीं जाता कि वह अपनी बात रख सके। केवल कागजी कोरम पूरा करने की अदायगी की जा रही है।
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| शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत |
मामला यह था कि एक व्यक्ति ने भाजपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ शिकायत IGRS पोर्टल पर की थी। जिसमें यह बताया गया था कि प्रतापगढ़ के भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश त्रिपाठी राजर्षि टंडन इंटर कालेज,रामनगर अठगंवा, प्रतापगढ़ में सहायक अध्यापक हैं वह अपनी नौकरी सही ढंग से न करते हुए अपना पूरा समय राजनीति में देते हैं और सरकारी वेतन लेते हुए वह अपने अध्यापन कार्य का निर्वहन हैं करते हैं। लेकिन शिकायतकर्ता के आरोप की जांच योगी सरकार में लापरवाह जिम्मेदार अफसर ने अब दूरभाष के माध्यम से ही निस्तारण कर दिया।
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| जांच अधिकारी फोन से ही कर लेते हैं जांच |
जांच अधिकारी ने कॉलेज के प्रधानाध्यापक से फ़ोन पर ही जानकारी ले ली और प्रधानाध्यापक ने जो भी बोले उसे जांच अधिकारी महोदय दूरभाष पर ही उसे सत्य मान लिए और उसी के आधार पर रिपोर्ट भी लगा दी और शिकायतकर्ता की शिकायत को ही झूठा बता दिया।
सी. एम. योगी आदित्य नाथ कहते हैं कि प्रत्येक भ्रष्टाचारी के मुंह पर कालिख पोतकर उसे उसके किये की सजा देंगे पर कब ?
शिकायतकर्ता ने भाजपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ शिकायत 11 सितम्बर को IGRS पर ऑनलाइन दी गयी लेकिन हुआ क्या ? उसका निस्तारण घर बैठकर DIOS महोदय द्वारा दूरभाष पर कर दिया गया।
अगर यह मामला सत्ता पक्ष के जिलाध्यक्ष सम्बन्धित न होता तो यही DIOS महोदय कालेज चले जाते और उपस्थिति का रजिस्टर देखते और वहां के बच्चों से भी पूंछते कि ओम प्रकाश त्रिपाठी आप लोंगो को पढ़ाते हैं अथवा नही ? और यदि बच्चे कहते कि कभी कभी आते हैं और पढ़ाते नहीं हैं तो तुरन्त प्रभाव से सहायक अध्यापक महोदय का निलम्बन होता।
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| यही निस्तारण किया है जांच अधिकारी ने , शिकायतकर्ता की शिकायत को ही ग़लत बोल दिया |
IGRS को मुख्यमंत्री सहित प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी भी बहुत गंभीरता से ले रहे हैं क्यों कि उन्हें इसीलिये ही प्रतापगढ़ जिला भेजा ही गया है। फिर भी नेताओं की दासता स्वीकार कर चुकी भ्रष्ट नौकरशाही सुधरने के लिए तैयार नहीं है।
जनपद प्रतापगढ़ के भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश त्रिपाठी की फेसबुक आई. डी. और जिले के अख़बार खोलकर देख लेने मात्र से शिकायतकर्ता के सभी आरोप सिद्ध हो जाते हैं। अब कौन बताये कि या तो उनकी फेसबुक पर की गई अपडेट फेंक है अथवा DIOS महोदय की आख्या रिपोर्ट ही फेंक है। भाजपाध्यक्ष की फोटो अखबार में हर दूसरे तीसरे दिन प्रकाशित हुई रहती है। जिला स्तरीय जांच अधिकारी डॉ. ब्रजेश मिश्र लगता है,अखबार भी नहीं पढ़ते। यदि पढ़ते होते तो इस तरह की फेंक आख्या रिपोर्ट न प्रस्तुत करते।








