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कुछ लोग दबी जुबान, तो कुछ लोग खुलकर कह रहे हैं कि आखिरकार विधायक आराधना मिश्रा "मोना" की राजनीतिक परिपक्वता ने ही यह जीत दिलाई है।
यह लालगंज ब्लॉक प्रमुखी वर्तमान विधायक के लिए वर्चस्व की जंग जैसी थी। क्योंकि विधायक आराधना मिश्रा ने अपने भाजपा प्रतिद्वंदी नागेश सिंह ( विधानसभा प्रत्याशी भाजपा रामपुर खास ) और उनके भाई रमेश सिंह को एक बार फिर राजनैतिक पटखनी देकर यह साबित कर दिया कि वह अब राजनीति और कूटनीति में परिपक्व हैं।
लालगंज ब्लॉक प्रमुख के विरोध में अविश्वास के लिए हुए शक्ति प्रदर्शन व मतदान में तीन गुने से ज्यादा संख्या प्रदर्शित कराकर कांग्रेसी खुश हैं और लालगंज बाजार में ढोल नगाड़े के साथ खुशी मना रहे हैं। अपने पिता के साये में चुनाव लड़कर विधायक बनने के बाद रामपुरखास विधायक ने अपनी सूझ बूझ और अनुभव से राजनीति में खुद की पकड़ और मजबूत कर ली है।
आराधना मिश्रा मोना ने ब्लॉक प्रमुख के विरोध में अविश्वास में मिली जीत को विचारधारा और विकास की जीत करार दिया ।

