शिवाकांत ओझा और रानीगंज से भाजपा विधायक धीरज ओझा के बीच वर्चस्व की जंग - Pratapgarh Samachar

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शुक्रवार, 22 सितंबर 2017

शिवाकांत ओझा और रानीगंज से भाजपा विधायक धीरज ओझा के बीच वर्चस्व की जंग

 
लालगंज ब्लॉक प्रमुखी में परिणाम में भाजपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख को अपनी कुर्सी गवांनी पड़ी और कांग्रेस का कब्जा  हो गया। वहीं गौरा ब्लॉक में भी सपा समर्थित पूर्णांशु ओझा की कुर्सी भी जाने वाली है। गौरा ब्लॉक प्रमुख कुर्सी को लेकर पूर्व काबीना मंत्री प्रो. शिवाकांत ओझा और रानीगंज से भाजपा विधायक धीरज ओझा के बीच वर्चस्व की जंग मची हुई है। पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा के बेटे पूर्णांशु ओझा वर्तमान में गौरा प्रमुख हैं। कुर्सी पर खतरा है तो बेटे की कुर्सी को बचाने के लिए पूर्व मंत्री ने अपने समर्थकों के साथ पूरी ताकत झोंक रखी है। दूसरी तरफ सत्तासीन भाजपा विधायक धीरज ओझा ने भी प्रमुख की कुर्सी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। सरकार भाजपा की है और भाजपा में होने के चलते धीरज जनप्रतिनिधियों को अपने पाले में करने में जुटे हुए हैं तो  शिवाकांत भी इसी मुहिम में लगे हैं।
      पूर्व मंत्री शिवाकांत ने ही कोर्ट के दरवाजा खटखटाया है और कोर्ट की दखल के चलते आज होने वाली मतगणना परिणाम घोषित ही नहीं किये जायेंगे। लेकिन जैसा कि अविश्वास प्रस्ताव बीडीसी सदस्य लेकर गए थे उसमें तो यही लगता है कि शिवाकांत के पुत्र की प्रमुखी खतरे में है। लेकिन फिर भी दोनों ही गुट अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए हर तरह की जुगलबंदी में जुटे हैं।
   वर्तमान जिलाधिकारी शम्भू कुमार ने बताया कि गौरा ब्लॉक प्रमुख पद के लिए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस  और मतदान आज होना है। जैसा कि हाईकोर्ट का आदेश है तो इसके तहत मतों की गणना नहीं की जाएगी। इस मामले में पांच अक्टूबर को जवाब देना है। जबाब देने के पश्चात जो भी कोर्ट का जो भी निर्देश होगा वैसे ही किया जाएगा।
  ब्लॉक के बाहर गहमागहमी मची हुई है अब देखना ये है कि ओझा और ओझा  में कौन से ओझा बाज़ी जीतते हैं।