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जिलाधिकारी शंभू कुमार के आदेश पर मंगलवार को यह संपत्ति जिले के आला अफसरों के समक्ष मंगलवार को रिलीज की गयी । यह संपत्ति हीरा, पन्ना व सोने से भरे चार बड़े बॉक्स में थी। 2002 में उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मायावती सरकार के द्वारा करवाई गई छापेमारी के दौरान यह संपत्ति सीज कराई गयी थी। राजा उदय प्रताप सिंह की इस संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ सात लाख रुपये थी। यह संपत्ति 14 वर्षों तक आयकर विभाग की जांच में फंसी रही। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री व कुण्डा से लगातार छठवीं बार निर्दलीय विधायक चुने गए कुँवर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह की यह संपत्ति कुंडा कोतवाली के भदरी कोठी और हथिगंवा थाने के बेंती कोठी से जब्त की गयी थी । मंगलवार को जिला कोषागार में राजा भइया के करीबी व प्रतापगढ़ से विधान परिषद सदस्य अक्षय प्रताप सिंह गोपाल जी ने यह संपत्ति जिला कोषागार से प्राप्त की ।
