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प्रतापगढ़: आधार कार्ड ने एक और घोटाले की पोल खोल दिया। सरकारी स्कूलों में भी बच्चों के नाम आधार से लिंक कराये जा रहे हैं। करीब ढाई हजार ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनका एडमिशन गुरुजी ने अपनी पोस्टिंग सुविधाजनक स्कूल में रखने के लिए कर लिया था। इसके साथ ही अन्य सुविधाओं का पैसा भी सरकार से आ रहा था जिसे गुरुजी ही ले रहे थे।
जब से आधार नम्बर को सरकारी सुविधाओं में अनिवार्य किया गया है, तभी से नित नए घोटाले व साजिशें सामने आ रही हैं। अपनी पसंद के स्कूल में पोस्टिंग बनाये रखने के लिए अध्यापकों ने स्कूल रजिस्टर में बच्चों की संख्या बढ़ा दिया। इससे जुलाई में उनका होने वाला ट्रांसफर तो रुक गया, लेकिन अब जब बच्चों के आधार लिंक कराये जाने लगे तो पोल खुलकर सामने आ गयी। ऐसे 2465 बच्चों के नाम सामने आए हैं जिनका दाखिला दो दो स्कूलों में हुआ है।
अब बात सिर्फ स्थानांतरण रोकने की नहीं है। सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या के आधार पर ही अन्य सुविधाओं के लिए भी पैसा आता है। अब जबकि छात्रों की वास्तविक संख्या सामने आ रही है, तो कयक विभाग इन धोखेबाज अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करेगा ? और करेगा तो क्या ???
जुलाई में जब प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में अध्यापकों के स्थानांतरण का आदेश आया, तब अध्यापकों ने स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ा कर तबादला रोकने की युक्ति निकाली। वास्तविक छात्र तो मिलने नहीं थे, इसलिए दूसरे स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का नाम अपनी रजिस्टर में दिखाया गया। इससे उनका तबादला रुक गया, लेकिन ये बात अध्यापकों को भी नही पता रही होगी कि सत्र ख़तम होने से पहले ही छात्रों के आधार लिंकअप की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अभी भी लगभग बीस प्रतिशत बच्चों का आधार लिंक होना बाकी है। पूरा अपलोड होने पर ये संख्या और भी बढ़ सकती है। बीएसए बीएन सिंह के अनुसार "बच्चों का आधार लिंकअप किया जा रहा है। अभी तक हुए जाँच में 2465 बच्चों का नाम दो-दो स्कूलों में लिखे होने की बात सामने आई है। अभी भी बीस प्रतिशत बच्चों का आधार कार्ड न होने से लिंकअप नही हो सका है, जल्द ही उनका आधार बनवा कर लिंकअप किया जाएगा।"
ये है अध्यापकों की तैनाती का नियम:-
विभाग ने तबादले का मानक बच्चों की संख्या बनाया था। इसलिए फर्जी बच्चों का नामांकन होने से उनकी कुर्सी सलामत रह गई। प्राइमरी स्कूलों में 60 बच्चों पर दो अध्यापक, 61-90 की संख्या होने पर 03, 91-120 संख्या होने पर 04, 121-150 की संख्या पर पांच अध्यापकों की तैनाती की जाती है। पूर्व माध्यमिक स्कूलों में 100 बच्चों की संख्या होने पर तीन 101-150 की संख्या पर 04, और 151-200 की संख्या होने पर पांच अध्यापकों की तैनाती का मानक बनाया गया है।
