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दिसंबर महीने के मध्य चरण में भी इस बार पुरवइया हवाओं का प्रभाव रहा। इससे मौसम गरम बना रहा। जिस रौ में ठंड पड़नी चाहिए थी, ठंड उस तरह से नहीं महसूस की जा रही थी। दिन में गर्मी और रात में ठंड से लोग तेजी से बीमारियों की चपेट में आ जा रहे थे। महीने के मध्य तक अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस तक बना रहा। रविवार से पछुआ हवाओं ने वातावरण में अपना कब्जा जमाया। पुरवा हवाओं को मात देकर अपनी मजबूत पकड़ बना ली, इससे ठंड में एकाएक तेजी से इजाफा हो गया। और मौसम में बदलाव हो गया। सोमवार को ठंड के चलते सूर्यदेव की किरणें भी बेअसर रहीं। मंद-मंद पछुआ हवाएं शरीर को भेदती रहीं। सुबह सैर करने वाले लोग भी गर्म कपड़ों से लदे रहे। सुबह रोजमर्रा के कामकाज वाले व यात्रियों को स्वेटर, जैकेट व टोपी, मफलर आदि में देखा गया। दोपहर में धूप खिली रही, मगर इसका असर न के बराबर रहा। शाम होते ही ठंड में तगड़ा इजाफा हो गया। लोग जगह-जगह अलाव जलाकर बैठे नजर आए। शहर के बाबागंज, भंगवाचुंगी, अंबेडकर चौराहा, पंजाबी मार्केट, सदर बाजार, घंटाघर चौराहा, पल्टन बाजार सहित भीड़भाड़ सभी वाले स्थानों पर शाम होते ही सन्नाटा पसर गया। गाँव में तो वैसे ही अंधेरा होते ही सन्नाटा फैल जाता है।
कमोवेश यही हाल गांवों में भी रहा। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पश्चिमी हवाओं की शुरुआत हो गई है। जिससे तापमान लुढ़कने लगा है। ठंड में तेजी से इजाफा होगा। वहीं डॉक्टरों ने लोगों को सर्दी से बचने की सलाह दी है । इस माह में लोग सर्दी, जुकाम व वायरल फीवर से काफी परेशान होते हैं। सर्दी के तेज होते ही गर्म कपड़ों की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गयी।लोग ठंड से बचने के लिए दिनभर खरीददारी करते देखे गए ।
