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| मृत युवक सत्यम की फाइल फोटो |
प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक शगुन का तबादला हो गया। उनसे प्रतापगढ़ के अपराधियों को कोई डर नहीं था न ही अब नये पुलिस अधीक्षक के आने से उनके अंदर कोई खौफ़ है। हम पहले भी इस पर लिख चुके हैं लेकिन लिखने से न सरकार को फर्क पड़ता है न नए पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को । क्योंकि प्रतापगढ़ में पढ़ने व लिखने वालों की नहीं चलती है। चलती है तो सिर्फ अपराधियों की, ये अपराधी पुलिस व नेताओं द्वारा पाले जाते हैं और फिर बेख़ौफ़ अपने अपराध को अंजाम देते हैं। इन्हीं अपराधियों की वजह से बेल्हा में हो रही है ताबड़तोड़ हत्याएं, छिनैती, राहजनी व जघन्य बलात्कार जैसी घटनाएँ। इनसे प्रतापगढ़ की जनता में त्राहि त्राहि मची हुई है।
इन्हीं अपराधियों द्वारा अभी कल रात ही एक घटना को अंजाम दिया गया। एक युवक जो अपने पिताजी के साथ किराये पर रह बीएससी कर रहा था। उसी छात्र की आधी रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोली मारने से पहले उसको पीटा गया।
बहराइच जिले के पयागपुर थाना क्षेत्र के सौरियांवा गांव के रहने वाले मुन्ना शुक्ला प्रतापगढ़ के करनपुर में पान की दुकान चलाते हैं। वह शहर में ही किराये के दो कमरों में अपने इकलौते बेटे सत्यम शुक्ला (21) और बेटी के साथ कई सालों रहते आ रहे हैं। इनका इकलौता पुत्र सत्यम बीएससी का छात्र था। बुधवार की देर रात लगभग 12 बजे किसी युवती के फोन कॉल के आने पर वह घर से निकला लेकिन वापस नहीं आया। उसकी बहन ने कॉल किया तो कॉल पर ही मारपीट की आवाज आ रही थी और उसके बाद कॉल डिसकनेक्ट हो गयी। घबराहट में सत्यम की मां व बहन रिक्शा लेकर अष्टभुजानगर की ओर अपने पुत्र खोजने निकली, रात भर परेशान होने पर भी सत्यम का कुछ पता नहीं चला। सुबह साढ़े पांच बजे मां-बेटी को अष्टभुजा नगर में ही सगरा ढलान के पास सत्यम की लाश मिली। सत्यम के सीने में 1 गोली और 1 गोली उसके पेट में मारी गयी और उसके शरीर पर चोट के कई निशान थे। रोते बिलखते हुए अपने बच्चे की लाश लेकर मां जिला अस्पताल पहुंचीं तो वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस हत्या के पीछे आशनाई होने का अंदेशा जताया है। किसी लड़की की वजह से सत्यम की बेख़ौफ़ अपराधियों ने हत्या कर दी। यही हर रोज प्रतापगढ़ में होता है और पुलिस से किसी भी अपराधी में कोई खौफ़ नहीं रह गया है।
इन्हीं अपराधियों द्वारा अभी कल रात ही एक घटना को अंजाम दिया गया। एक युवक जो अपने पिताजी के साथ किराये पर रह बीएससी कर रहा था। उसी छात्र की आधी रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोली मारने से पहले उसको पीटा गया।
बहराइच जिले के पयागपुर थाना क्षेत्र के सौरियांवा गांव के रहने वाले मुन्ना शुक्ला प्रतापगढ़ के करनपुर में पान की दुकान चलाते हैं। वह शहर में ही किराये के दो कमरों में अपने इकलौते बेटे सत्यम शुक्ला (21) और बेटी के साथ कई सालों रहते आ रहे हैं। इनका इकलौता पुत्र सत्यम बीएससी का छात्र था। बुधवार की देर रात लगभग 12 बजे किसी युवती के फोन कॉल के आने पर वह घर से निकला लेकिन वापस नहीं आया। उसकी बहन ने कॉल किया तो कॉल पर ही मारपीट की आवाज आ रही थी और उसके बाद कॉल डिसकनेक्ट हो गयी। घबराहट में सत्यम की मां व बहन रिक्शा लेकर अष्टभुजानगर की ओर अपने पुत्र खोजने निकली, रात भर परेशान होने पर भी सत्यम का कुछ पता नहीं चला। सुबह साढ़े पांच बजे मां-बेटी को अष्टभुजा नगर में ही सगरा ढलान के पास सत्यम की लाश मिली। सत्यम के सीने में 1 गोली और 1 गोली उसके पेट में मारी गयी और उसके शरीर पर चोट के कई निशान थे। रोते बिलखते हुए अपने बच्चे की लाश लेकर मां जिला अस्पताल पहुंचीं तो वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस हत्या के पीछे आशनाई होने का अंदेशा जताया है। किसी लड़की की वजह से सत्यम की बेख़ौफ़ अपराधियों ने हत्या कर दी। यही हर रोज प्रतापगढ़ में होता है और पुलिस से किसी भी अपराधी में कोई खौफ़ नहीं रह गया है।
