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प्रतापगढ़ जिले के लक्ष्मणपुर ब्लॉक के काछा शुकुलपुर ग्रामसभा में काफी दिन कोई कोटेदार नहीं था। बुधवार को इसी पद पर कोटेदार के चयन के लिए पंचायत भवन परिसर में ग्रामसभा की खुली बैठक बुलाई गई थी। ब्लॉक के एडीओ पंचायत अशोक शर्मा,ग्रामसभा के सेक्रेटरी ध्रुव जायसवाल की उपस्थिति में यह चयन प्रक्रिया की शुरुआत की गई। इस कोटेदार पद पर हाथ आजमाने के लिए लिए गांव के नंदलाल यादव, प्रदीप यादव, अजय यादव, मकसूद, मनोज यादव, संतोष यादव और चिंटू सिंह मैदान में उतर गए। क्यों कि यह पद मलाई खाने का होता है अतः ताल ठोकने वाले भी अधिक थे। अब यहाँ एक गलती ग्राम प्रधान अनीता यादव के ससुर ने कर दी। वह ग्रामीणों से गुप्त मतदान करने या हाथ उठाकर कोटेदार का चयन करने की बात पूछने लगे। प्रधान ने चालाकी दिखाने के चक्कर में मामले को पेचीदा कर दिया। जिससे अब कुछ लोग गुप्त मतदान तो कुछ हाथ उठाकर चयन करने की मांग करने लगे। फिर क्या था विवाद तगड़ा बढ़ गया और मारपीट भी होने लगी तभी कुछ युवक फायरिंग कर दिए। अब तो फायरिंग होते ही ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। अधिकारी बन बैठे एडीओ पंचायत और सेक्रेटरी की हालत पतली हो गयी वह भी भागे। पहले से उपस्थित पुलिस ने उपद्रवियों को दौड़ाना शुरू किया और डंडा भी भांजा। उन युवकों को भी दौड़ा कर पकड़ लिया गया जिन्होंने फायरिंग की थी। इन युवकों को गिरफ्तार कर उक्त तमंचा बरामद किया है जिसे प्रयोग कर युवकों ने फायरिंग की थी।
बवाल इतना बढ़ गया था कि आक्रोशित लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में पक्षपात का आरोप लगाते हुए अधिकारी को बंदी बना लिया। भागने के दौरान ग्रामीण चुटहिल भी हुए। इसके बाद में कोतवाली से भारी संख्या में पुलिस पहुंची तो मामला शांत हुआ। हालांकि कोटा चयन की बैठक को स्थगित दिया गया।
