कोटेदार के चयन के लिए बुलाई गई खुली बैठक में हुआ बवाल व फायरिंग - Pratapgarh Samachar

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गुरुवार, 29 मार्च 2018

कोटेदार के चयन के लिए बुलाई गई खुली बैठक में हुआ बवाल व फायरिंग

ग्रामीण स्तर पर यदि प्रधानी के बाद कोई मलाईदार पद है तो वह पद है कोटेदार का, क्यों कि इसमें प्रधान व अधिकारियों के साथ मिल लाखों का भ्रष्टाचार किया जा सकता है। इसी कोटेदार पद पर चयन के लिए बुधवार को एक बैठक बुलाई गई थी। यह एक खुली बैठक थी जिसमें चुनाव की प्रक्रिया पर माहौल गरम हो गया और तगड़ा बवाल हो गया। विरोध का बवाल इतना बढ़ा की दोनों पक्ष  के बीच उपस्थित कुछ युवक दनादन फायरिंग करने लगे। फायरिंग की आवाज सुन विरोध कर रहे लोगों में भगदड़ मच गई। उस समय पुलिस भी मौजूद थी लेकिन जैसा कि सभी को पता है कि प्रतापगढ़ में पुलिस से अपराधी लोग खौफ़ नहीं खाते हैं। लेकिन पुलिस कर्मियों ने हिम्मत दिखाई और तुरंत दो युवकों को दबोच लिया और गिरफ्तार कर उक्त तमंचा बरामद किया है जिसे प्रयोग कर युवकों ने फायरिंग की थी।



प्रतापगढ़ जिले के लक्ष्मणपुर ब्लॉक के काछा शुकुलपुर ग्रामसभा में काफी दिन कोई कोटेदार नहीं था। बुधवार को इसी पद पर कोटेदार के चयन के लिए पंचायत भवन परिसर में ग्रामसभा की खुली बैठक बुलाई गई थी। ब्लॉक के एडीओ पंचायत अशोक शर्मा,ग्रामसभा के सेक्रेटरी ध्रुव जायसवाल की उपस्थिति में यह चयन प्रक्रिया की शुरुआत की गई।  इस कोटेदार पद पर हाथ आजमाने के लिए लिए गांव के नंदलाल यादव, प्रदीप यादव, अजय यादव, मकसूद, मनोज यादव, संतोष यादव और चिंटू सिंह मैदान में उतर गए। क्यों कि यह पद मलाई खाने का होता है अतः ताल ठोकने वाले भी अधिक थे। अब यहाँ एक गलती ग्राम प्रधान अनीता यादव के ससुर  ने कर दी। वह ग्रामीणों से गुप्त मतदान करने या हाथ उठाकर कोटेदार का चयन करने की बात पूछने लगे। प्रधान ने चालाकी दिखाने के चक्कर में मामले को पेचीदा कर दिया। जिससे अब कुछ लोग गुप्त मतदान तो कुछ हाथ उठाकर चयन करने की मांग करने लगे। फिर क्या था विवाद तगड़ा बढ़ गया और मारपीट भी होने लगी तभी कुछ युवक फायरिंग कर दिए। अब तो फायरिंग होते ही ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। अधिकारी बन बैठे एडीओ पंचायत और सेक्रेटरी की हालत पतली हो गयी वह भी भागे।  पहले से उपस्थित पुलिस ने उपद्रवियों को दौड़ाना शुरू किया और डंडा भी भांजा। उन युवकों को भी दौड़ा कर पकड़ लिया गया जिन्होंने फायरिंग की थी। इन युवकों को गिरफ्तार कर उक्त तमंचा बरामद किया है जिसे प्रयोग कर युवकों ने फायरिंग की थी।
  बवाल इतना बढ़ गया था कि आक्रोशित लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में पक्षपात का आरोप लगाते हुए अधिकारी को बंदी बना लिया। भागने के दौरान ग्रामीण चुटहिल भी हुए। इसके बाद में कोतवाली से भारी संख्या में पुलिस पहुंची तो मामला शांत हुआ। हालांकि कोटा चयन की बैठक को स्थगित दिया गया।