![]() |
अजीत के पिता फैजाबाद के निवासी सुरेन्द्र विक्रम सिंह ने प्रतापगढ़ कचहरी में कसम करते थे। काम करने के दौरान ही उन्हींर बलीपुर में शिवजीपुरम में अपना खुद का घर बनवा लिया था। उनके दो बेटों हैं बड़ा अरुण वाराणसी में रेलवे में इंजीनियर है। मृतक अजीत (40) उनका छोटा बेटा था। जो तीन साल पहले तक एमआर था लेकिन ज्यादा कमाई के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में बैंक मित्र बन गया था। अजीत शहर से सटे गायघाट के रामराम चौराहे पर ही बैंक ऑफ बड़ौदा की मिनी शाखा चलाता था। गुरुवार शाम वह स्कूटी से मिनी शाखा खोलने के लिए जा रहा था। उसकी स्कूटी सई नदी का पुल पारकर ही की थी कि पीछे से सफेद रंग की एक अपाचे बाइक से आ रहे तीन बदमाशों उसे टक्कर मार दी। अजीत जब स्कूटी सहित गिर गया तो बदमाशों ने पिस्टल से उसके कंधे, सीने व पेट में तीन गोलियां तड़तड़ा दी। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। अस्पताल ले जाते समय ही अजीत की मौत हो गयी थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस खौफ़नाक घटना से मौत की खबर सुन अजीत के परिजन रोते-बिलखते व परिचित पोस्टमार्टम हॉउस पहुंच गए। लोगों ने बताया कि अजीत के कोई संतान नहीं थी। अजीत व उसकी पत्नी में हमेशा से ही आपस में विवाद रहा है। कुछ भी हो लेकिन पुलिस सभी पहलुओं पर छानबीन कर कार्यवाही करने की बात कर रही है।
