प्रतापगढ़ के दर्जनों राइस मिल संचालक खाद्य विभाग का करोड़ों रुपये का राशन हजम कर बैठे हैं। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद अभी तक राइस मिल संचालकों ने विभाग का हजारों मिट्रिक टन चावल नहीं लौटाया। ऐसे में विभाग ने इन राइस मिलों को डिबार घोषित करते हुए उनके खिलाफ आरसी की कार्रवाई की है। प्रशासन चावल के एवज में पैसा वसूलने की तैयारी में है। प्रतापगढ़ में बीते साल 2001 से 2014 तक के मध्य कई क्रय केंद्रो पर धान की कुटाई के लिए करीब 50 राइस मिल संचालकों को धान दिया गया था। धान कूटने के बाद जिले के 19 राइस मिल संचालकों ने खाद्य विभाग का दो हजार मिट्रिक टन चावल हजम कर लिया।
चावल न मिलने की दशा में विभाग ने कई बार मिल संचालकों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी, लेकिन संचालकों ने अब तक विभाग का चावल नहीं लौटाया। अब प्रशासन इन संचालकों से चावल के एवज में उनसे पैसा वसूलेगा। खाद्य विभाग के अनुसार दो हजार मिट्रिक टन चावल की कीमत दो करोड़ रुपये है। विभाग ने इन राइस मिलों को डिबार कर दिया है। इस बार डिबार मिलों को धान नहीं दिया जाएगा।
इन सभी 19 मिलों पर कार्रवाई की खाद्य विभाग का चावल ने देने पर प्रशासन ने कमला ग्रामोद्योग विकास संस्थान दशरथपुर, देव राइस मिल सोनाही, किसान राइस मिल पूरे गोलिया, विजय मिनी राइस मिल रायपुर तियाई, कृष्णा राइस मिल शाहपुर, चंद्रा मिनी राइस मिल चितरी, अवध मिनी राइस मिल कोठार, शेर मोहम्मद मिनी राइस मिल कटरा, मौर्या मिनी राइस मिल ईश्वरपुर, शिव ट्रेडर्स एंड राइस रायस, लकी राइस मिल डेरवा, राधाकृष्ण राइस मिल फरेंदुपुर, रोशनी राइस मिल छाछामऊ, ऊर्मिला राइस मिल भावसिया, बद्री राइस मिल बैरागीपुर, जय अंबे राइस मिल औसानगंज, हर्ष ट्रेडर्स एंड राइस मिल पूरे रामा, ऊर्मिला राइस मिल बसियारा व शुभम राइस मिल सहिबापुर पर आरसी की कार्रवाई की है। और इन सबसे दो करोड़ रुपये वसूला जायेगा।
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