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प्रतापगढ़: जहाँ आज पूरे देश में बिजली के बाद अब सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ प्रतापगढ़ जिले के 3000 मजरे आज भी बिजली से वंचित हैं।
सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण के लिए जिले में सम्बंधित एजेंसी से सर्वे कराया गया जिसकी रिपोर्ट अब मिली है। जिसमें बताया गया है कि जनपद के 3000 मजरे ऐसे हैं जहाँ पर लोगों ने अब तक बिजली का सुख नही लिया है। यहाँ लोगों के पास मोबाइल तो है लेकिन वो उसे चार्ज करने के लिए अगल बगल के गाँव मे जाते हैं या पास की बाजार में दुकानदारों के भरोसे रहते हैं।
एजेंसी की रिपोर्ट पाने के बाद जिला विद्युत विभाग के अधिकारियों ने शासन के माध्यम से केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को भिजवाया, ऊर्जा मन्त्रालय से आदेश आ गया है। अब एजेंसी इन गावों में बिजली पहुंचाने के लिए आने वाले खर्च का आंकलन कर रही है। इस्टीमेट के बाद केंद्र से धन आवंटन के बाद काम शुरू किया जाएगा।
अधिशासी अभियंता प्रथम एसपी मिश्र ने बताया कि "खर्चे का सर्वे चल रहा है। इसके बाद बजट आने के अनुसार सौ से कम आबादी वाले इन मजरों में विद्युतीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। पूरी संभावना है कि नवम्बर माह में काम शुरू हो जाएगा।"
सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण के लिए जिले में सम्बंधित एजेंसी से सर्वे कराया गया जिसकी रिपोर्ट अब मिली है। जिसमें बताया गया है कि जनपद के 3000 मजरे ऐसे हैं जहाँ पर लोगों ने अब तक बिजली का सुख नही लिया है। यहाँ लोगों के पास मोबाइल तो है लेकिन वो उसे चार्ज करने के लिए अगल बगल के गाँव मे जाते हैं या पास की बाजार में दुकानदारों के भरोसे रहते हैं।
एजेंसी की रिपोर्ट पाने के बाद जिला विद्युत विभाग के अधिकारियों ने शासन के माध्यम से केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को भिजवाया, ऊर्जा मन्त्रालय से आदेश आ गया है। अब एजेंसी इन गावों में बिजली पहुंचाने के लिए आने वाले खर्च का आंकलन कर रही है। इस्टीमेट के बाद केंद्र से धन आवंटन के बाद काम शुरू किया जाएगा।
अधिशासी अभियंता प्रथम एसपी मिश्र ने बताया कि "खर्चे का सर्वे चल रहा है। इसके बाद बजट आने के अनुसार सौ से कम आबादी वाले इन मजरों में विद्युतीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। पूरी संभावना है कि नवम्बर माह में काम शुरू हो जाएगा।"
