प्रतापगढ़| 10 वीं के छात्र की हत्या के मामले के बाद पुलिस अपनी कुम्भकर्ण वाली नींद से जागी है और तो और विधायक और राज्यसभा सांसद का भी भारी दबाव काम कर रहा है। एसपी ने कोतवाल को भी निलंबित कर दिया है। पुलिस वालों के पैर तले जमीन खिसक गई है। अतः इस मामले में पुलिस गंभीरता से कार्य कर रही है।
पुलिस को मौके पर मौजूद साथी पर ही शक है। देर शाम पुलिस उससे कोतवाली में पूछताछ करती रही। फिलहाल अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्र के हत्या में उसका भी हाथ था या नहीं।
घटना के समय हरदेव के साथ पूर्व प्रधान का बेटा सुनील गुप्ता भी साथ था। हत्या के बाद पुलिस ने करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद लाश को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल भेज दिया। जब हमलावरों ने छात्र को गोली मारी थी उस समय उसका दोस्त सुनील गुप्ता भी मौजूद था। पुलिस ने उसे उसके पिता के साथ कोतवाली पूछताछ के लिए सोमवार की देर शाम बुलाया था। स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस द्वारा हुए इस पूछताछ के बाद पिता को घर भेज दिया, मगर मृतक छात्र के साथी सुनील को कोतवाली में रोक लिया। इस मामले में मृतक के दोस्त सुनील का कहना है कि रंजिश के कारण हमलावरों ने उसकी हत्या करने की योजना बनायी थी, मगर निशाना गलत लगने से उसके दोस्त को गोली जा लगी। पुलिस और स्वाट टीम मृतक के दोस्त से दूसरे दिन भी पूछताछ करती रही।