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प्रतापगढ़/कुण्डा: बेसिक शिक्षा अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर अपना प्रमोशन करने वाले अध्यापक को अब अपनी इस चार सौ बीसी के लिए मुकदमा झेलना होगा। उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने निदेशक को कार्यवाही का दिया आदेश।
मार्च 2015 में मनगढ़ प्राइमरी स्कूल से सेवानिवृत्त हुए बाबागंज के तिलौरी (अमराही) निवासी जगत प्रसाद पुत्र कल्लू ने जुलाई 2015 में स्वयं ही बीएसए के नाम का हस्ताक्षरित अपना प्रमोशन पत्र बनाया और मिडिल स्कूल विधासिन में दुबारा कार्यभार ग्रहण कर लिया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी मिली भगत करके दुबारा वेतन शुरू कर दिया।
शिक्षक ने अपनी नियुक्ति के समय 1952 मे हाईस्कूल पास होने का और पेंशन प्रपत्र में 1954 के हाईस्कूल का प्रमाणपत्र लगाया था। जब विभाग ने ये फर्जीवाड़ा पकड़ा तो वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गयी। जिसके खिलाफ शिक्षक ने इलाहाबाद की लखनऊ खण्डपीठ में वाद दायर करके अपने लिए न्याय की माँग किया। लेकिन शिक्षक का दाँव उसपर ही उल्टा पड़ गया जब विभाग द्वारा पेश किए गए दस्तावेज देखकर कोर्ट हैरत में पड़ गयी और कोर्ट ने शिक्षा निदेशक बेसिक को शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया। बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि खण्ड शिक्षा अधिकारी को शिक्षक के खिलाफ मुकदमा करने के लिए पत्र लिखा गया है।
