ठण्ड अपने चरम पर, प्रतापगढ़ में अलाव व रैन बसेरे सिर्फ कागजों पर - Pratapgarh Samachar

Breaking

मंगलवार, 26 दिसंबर 2017

ठण्ड अपने चरम पर, प्रतापगढ़ में अलाव व रैन बसेरे सिर्फ कागजों पर

प्रतापगढ़: जिले में ठण्ड का असर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। पछुवा हवा के चलने से शीतलहर लोगों को अंदर तक कँपा दे रही है। न्यूनतम तापमान 6.5° तक आ गया है। लेकिन सरकारी महकमें के ऊपर ये सब बेअसर है। शहर में ही अब तक ठण्ड से बचने के कोई उपाय जमीनी स्तर पर नहीं लागू किये गए हैं। हाँ कागजों में रैनबसेरा और अलाव बहुत पहले आए शुरू कर दिये गए हैं।
     बढ़ती हुई ठण्ड को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर पालिका द्वारा शहर में पर्याप्त संख्यां में अलाव और रैन बसेरे की व्यवस्था की जानी चाहिए लेकिन अभी तक सिर्फ कागजों में ही इनकी व्यवस्था की गई है। नगर पालिका का दावा है कि रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टेशन, भगवा चुंगी, सदर चौराहा, जिला अस्पताल, अम्बेडकर चौराहा पर अलाव जलाए जा रहे हैं। मगर प्रतापगढ़ समाचार ने जब मौके पर जाकर देखा और लोगों से बात किया तो पता चला कि ऐसा कुछ नही है। हाँ सुबह स्थानीय दुकानदारों द्वारा कूड़ा इकट्ठा करके कुछ जगहों पर आग जलाई जाती है, जो थोड़ी देर के लिए ही होती है। स्थानीय दुकानदारों ने स्पष्ट बताया कि यहाँ अभी तक अलाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं कि गयी है। यही हाल ग्रामीण चौराहों पर भी है। प्रसाशन ने कहीं कोई भी व्यवस्था नहीं की है।


      सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 22.5° और न्यूनतम तापमान 6.5° रिकार्ड किया गया। इतनी ठण्ड में भी जिला प्रशासन और नगर पालिका व नगर पंचायत द्वारा एक भी रैन बसेरे का संचालन व्यवस्थित रूप से नही हो रहा है। नगर पालिका के दावों के अनुसार हादी हॉल में रैन बसेरा चल रहा है। मगर जब वहाँ जाकर देखा गया तो कुछ रजाई-गद्दे नजर तो आये, पर उनकी दशा देखकर साफ पता चल रहा था कि यहाँ अभी तक कोई सोने नहीं आता है और न ही नगर पालिका की तरफ से इनकी कोई देखरेख होती है। वहाँ इतनी गंदगी थी कि कोई उसमें सोने की हिम्मत शायद ही कर पाए।
        जब शहर की यह हालत है तो ग्रामीण इलाकों की स्थिति का स्वतः ही अनुमान लगाया जा सकता है। अफसरों ने लेखपालों और जिम्मेदारों को अलाव जलाने के निर्देश तो दे दिए हैं पर जब इन लोगों से बात की गई तो पता चला कि सिर्फ आदेश आया है, बजट का पता नहीं है, कैसे अलाव जलाया जाए।
        इन स्थितियों के बारे में जब अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उचित व्यवस्था के लिए आदेश किया गया है। ठंड के मौसम में अफसर भी रात्रि में दौरे पर नहीं निकलते हैं। वरना शायद उन्हें हकीकत पता चलती। सदर तहसील के एसडीएम पंकज वर्मा ने कहा कि वे इस बात की जाँच करेंगे की अलाव कहाँ जल रहे हैं।