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कुछ ही दिन पहले कुंडा कोतवाली के रहवई गांव के सीमा बार्डर पर पूरे धनऊ बाजार के करीब स्वाट टीम व कोतवाली पुलिस ने मिलकर नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया था। कार्यवाही बड़ी थी और इसकी वजह से नम्बर 2 का धंधा लोगों में डर पैदा होना चाहिये था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इतनी बड़ी कार्यवाही होने के बाद अभी भी कुंडा क्षेत्र में ही कई जगहों पर नकली सीमेंट का कारोबार किया जा रहा है। कुंडा कोतवाली की पुलिस को भी पता है लेकिन पुलिस इन पर हाथ डालने से बच रही है।आख़िर पुलिस क्यों दब रही है। आख़िर क्या कारण है जिसकी वजह से सब कुछ जानकर भी कोतवाली पुलिस हाथ बांधे हुए है। कहीं कुंडा कोतवाली पुलिस का हिस्सा तो हर महीने नहीं पहुंच जाता है! आखिर माजरा क्या है ?
कुंडा तहसील के अंतर्गत हथिगवां थाना क्षेत्र के पलएं, सबीसपुर, लवाना जैसी बाजारों में नकली सीमेंट बनाई जा रही है और यह नंबर 2 का कारोबार बड़ी तेजी से फल फूल रहा है। यही नहीं इसकी सप्लाई स्थानीय दुकान दारों द्वारा ही कि जा रही है। यह असली नकली मिलवा कर बाज़ार में बेंच रहे हैं। इन दुकानदारों को जहां ब्रांडेड असली कंपनी की सीमेंट बेचने पर चार से पांच रुपये का मार्जिन मिलता है। वहीं नकली सीमेंट की एक बोरी बचने में इन्हे 100 से 150 रुपये का तगड़ा मुनाफा हो जाता है।
स्वाट टीम व व कुंडा पुलिस ने भले ही पूरे धनऊ में नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री को पकड़ा हो। लेकिन अधिकारियों की यह सफलता मात्र दिखावे के तौर पर देखी जाएगी क्यों कि अभी भी क्षेत्र के कई जगहों पर नकली सीमेंट का कारोबार पुलिस की जानकारी में रहा है। कौन दे रहा है संरक्षण खुद पुलिस या भ्रष्टाचारियों ने जिला प्रशासन ही खरीद लिया है? गोपनीय सूचना पर शनिवार को एसडीएम सहित स्वाट और पुलिस ने 808 बोरी एसीसी सीमेंट, 223 बोरी गोल्ड सीमेंट, 124 बोरी परफेक्ट सीमेंट, 142 बोरी जेपी सीमेंट पकड़ी जो पूरी तरह से नकली सीमेंट थी।
