कुंडा: पिछले कुछ दिनों में हुई भारी मुसलाधार बरसात के कारण तीस हज़ार कच्चे मकान ढह गए। यह बात कुंडा तहसील प्रशासन ने स्वीकार किया हैं।
बाढ़ का पानी कम होने के बाद जब बाढ़ से हुए क्षति का लेखा जोखा तैयार कराया तो प्रशासन के होश उड़ गए। तहसील प्रशासन के आँकलन के अनुसार लगभग 1500 परिवारों के नुकसान का अंदेशा था, पर जब क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो ने गाँव गाँव जाकर रिपोट तैयार करने पर 3125 मकान भारी वर्षा के चलते बर्बाद मिले।
वहीं बाढ चपेट में आये से थाना मानिकपुर क्षेत्र के लाटतारा निवासी एक शख्स की डूबने से मूत हो गई। बाघराय थाना इलाके के गाँव उमरा पट्टी निवासी जीतलाल की बेटी सविता की मृत्यू भी घर के नजदीक पोखरे में डूबने से हो गई। बारौं गाँव निवासी राज कुमार पुत्र सीताराम की मौत भी पोखरे में स्नान करते वक्त डूबने से हुई। बाढ़ से हुए क्षति का आँकलन करने के बाद अब प्रशासन उसकी रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी कर रहा है।
SDMआरपी वर्मा ने कहा कि जिन परिवारों की गृहस्थी पूरी तरह से बर्बाद हो गई है उन्हें लगभग पंचानवे हजार रुपये का मुआवजा प्रशासन से मिलेगा। हुई आंशिक क्षति पर भी सरकार की और से मदद की जायगी। यह रिपोर्ट डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के द्वारा से शासन को भेजी जाएगी।
