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संडवा चंडिका: जिले के संडवा चंडिका विकास खंड में 1 करोड़ 92 लाख रुपये के
मनरेगा घोटाले पर शासन भी कठोर हो गया है। विलेज डेवलपमेंट सेक्रेटरी ने
पूरी जाँच रिपोर्ट की मांग की है। क्योंकि इन्वेस्टीगेशन टीम को पूरे
अभिलेख ही नहीं मिले हैं। इसके अतिरिक्त कुछ फाइलों पर फेक हस्ताक्षर हैं
ऐसा भी आशंका जताया जा रहा है। घोटाले की इन्वेस्टीगेशन के लिए SDO ने डीसी
मनरेगा के नेतृत्व में जांच दल बनाई है। टीम को अभी तक पुरे पचास फाइलें
मिलीं हैं, जबकि कई बार मांगने पर भी तिरालिस फाइलें नहीं मिली पायी हैं।
उधर, जो फाइलें मिली हैं, उसमें से लगभग एक दर्जन में पूर्व ब्लाक विकास
अधिकारी आलोक सिंह के सिग्नेचर है। जांच अधिकारी ने जाली हस्ताक्षर होने की
आशंका में पूर्व BDO नोटिस भेजकर उत्तर मांगा है। पूर्व BDO की बाते मानें
तो उन्होंने अपने कार्यकाल के ही भुगतान पर सिग्नेचर किए हैं। ऐसे में
इसका जाली हस्ताखर होना करीब तय माना जा रहा है। जांच अधिकारी DC मनरेगा
जर्नादन यादव ने कहा कि कई बार मांगने के बावजूद फाइलें नहीं मिल पा रही
हैं। इस कारण जांच में विलम्ब हो रही है। इन्वेस्टीगेशन ख़त्म होते ही शासन
को रिपोर्ट पहुंचा दी जायगी।