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दरियापुर ग्राम के रहिवासी बच्चालाल सरोज उर्फ़ मुन्नी पुत्र सोनेलाल सरोज की 7 साल की पुत्री सोनाली बृहस्पतिवार के दिन घर से थोड़ी दूर गांव के किनारे दवा लाने गई थी। घर लौटते वक्त दलापुर रोड पर इलाके के ही राजन शुक्ला उर्फ अमित पुत्र संजय शुक्ला की मोटरसाइकिल जो तेज स्पीड से आ रही थी उसकी जोरदार टक्कर सोनाली (7) को जा लगी। टक्कर लगने से बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गाँव वालों ने मोटरसाइकिल सवार युवक को दौड़ाया, मगर वह भाग कर किसी प्रकार घर पहुंचा। जहाँ काफी संख्या में लोग सोनाली का शव को लेकर पहुंच गए।गुस्साये परिजनों और गाँव वालो में लाश को आरोपी के घर के सामने रख दिया और हंगाम करने लगे। हथिगवां थाना अध्यक्ष बी०डी० शुक्ला और कोतवाल अनिरुद्ध शुक्ला सहित थाने की पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंची। ग्रामीणों को शांत करने में ही लगभग सवा घंटा बीत गया। तब कहीं गाँव वालो पोस्टमार्टम कराने को रेडी हुए। पुलिस ने पीड़ित पिता बच्चा लाल उर्फ मुन्नीलाल की तहरीर पर राजन शुक्ला उर्फ़ अमित पुत्र संजय शुक्ला के विरुद्ध अभियोग दर्ज कर लिया।
पुलिस के मौजूदगी में चले ईंट-पत्थर, हुआ तोड़फोड़ और हंगामा
कुंडा : 7 साल की बच्ची सोनाली की मौत सबेरे लगभग 8 बजे हुई। जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने राजन शुक्ला (जिसकी बाइक से टक्कर लगा था) का मकान को घेर लिया। उसी के मकान के सामने मृतक का शव भी रख दिया। लगभा 8:45 बजे हथिगवां पुलिस आई, मगर आक्रोशित भीड़ पुलिस की मौजूदगी में तोड़फोड़ करती रही। सिपाही हो या दरोगा सब सब खड़े होकर तमाशा देख रहे थे। इस बीच पुलिस काफी विवश नज़र आई। पुलिस की हिम्मत नही पड़ रही थी की वह गाँव वालों को शांत करा सकें। यह क्रम लगभग 10 बजे तक चला। इसी दौरान थानाध्यक्ष बी०डी० शुक्ला ने कुछ अंगमा कर रहे ग्रामीणों से वार्ता शुरू किया तो धीरे-धीरे मामला शांत हो पाया। करीब 10 बज के 10 मिनट पर कुंडा कोतवाली पुलिस गांव आई। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया।
मजूरी कर के बेटियां पाल रहा था गरीब पिता बच्चालाल
पीड़ित पिता बच्चालाल की दो पुत्रियाँ थी। सबसे बड़ी सोनाली जो 7 साल की थी और दूसरी सुनैना जो पांच साल की है। वह अपनी बेटियों को बहुत प्रेम करता था। बच्चालाल किसी तरह मजदूरी करके परिवार को चला रहा है। गुरुवार के दिन जब वह घर से मजदूरी करने निकला था तो सोनाली दवा लेने गाँव के बाहर स्थित मेडिकल पर जा रही थी, मगर उसे क्या पता था कि यह उसकी बेटी सोनाली से उसकी अंतिम भेंट है। सोनाली की मम्मी शीला और छोटी बहन सुनैना का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
जान के बदले जान चाही
कुंडा पुलिस के सामने गुस्सायी ग्रामीणों की भीड़ जोर-जोर से चिल्ला रही थी कि उन्हें जान के बदले जान चाहिए। तभी आरोपी के घर के सामने से लाश हटेगा। ग्रामीणों के आक्रोश को देख पुलिस परेशान थी, यद्यपि बाद में गुनाहगार के प्रति कठोर कार्रवाई का भरोषा दिलाने पर ग्रामीण शांत हुए। पुलिस ने आरोपी के परिवार की सिक्यूरिटी के लिए दो सशस्त्र सिपाही नियुक्त कर दिए हैं।
