इनामी दंगल में बनारस के गोपी पहलवान ने बाजी मारी - Pratapgarh Samachar

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मंगलवार, 12 सितंबर 2017

इनामी दंगल में बनारस के गोपी पहलवान ने बाजी मारी




प्रतापगढ| बाबागंज क्षेत्र के हंस ज्ञान अखाड़ा नया पुरवा हीरागंज में पहलवान स्व समर बहादुर सिंह की पुण्यतिथि 11 सितंबर सोमवार पर दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया जिससे बांदा चित्रकूट रायबरेली कानपुर गोरखपुर इलाहाबाद जौनपुर सुल्तानपुर कौशांबी प्रतापगढ़ विभिन्न जनपदों से आये चार दर्जन पहलवानों समेत कानपुर और गोरखपुर से आयी महिला पहलवानों ने भाग लिया महिला वर्ग मे कानपुर की सरिता पहलवान ने गोरखपुर की पायल को चित्त कर दिया और चैम्पियन कुश्ती का बीड़ा बनारस के पहलवान गोपी ने उठाया तो गोरखपुर के पहलवान गुलाब ने हाथ मिलाकर उनकी चुनौती स्वीकार की दोनो के पांच मिनट तक जोर आजमाइश चलती रही जिसमे गोपी ने गुलाब को पटकनी मार कर चित्त करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया दंगल मे मौजूद दर्शकों ने खूब तालियां बजाई मुख्य अतिथि ठाकुर प्रकाश सिंह व विशिष्ट अतिथि भाजपा नेता अभय प्रताप सिंह पप्पन ने विजेता पहलवानों को नगद पुरस्कार प्रदान किया ठाकुर प्रकाश सिंह ने कहा ऐसे आयोजनों से गांव की छुपी हुई प्रतिभा निकलकर सामने आती हैं यही प्रतिभाएं आगे चलकर अपने क्षेत्र और देश का नाम रोशन करती हैं भाजपा नेता अभयप्रताप सिंह पप्पन ने कहा की कुश्ती प्राचीन भारतीय खेल है पहले के लोग कुश्ती के जरिए अपने को चुस्त और दुरुस्त रखते थे आज हम यहाँ प्राचीन भारतीय खेल भूलते जा रहे है हमें आवश्यकता है ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहन देने की जिससे कुश्ती में भारत की धाक बनी रहे प्रतियोगिता के आयोजक पवन कुमार सिंह अंजनी ने कहा कि उनके पिताजी स्वर्गीय समर बहादुर सिंह पहलवान ने आजीवन कुश्ती खेल के प्रति समर्पित रहे उनका आगे का प्रयास रहेगा की आयोजन को और बड़ा सा बड़ा करने की जिसमें प्रदेश ही नहीं देश भर के पहलवान अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन दंगल में करे प्रतियोगिता मे रेफरी की भूमिका बसंत पहलवान और अवधेश पांडे ने निभाई इस दौरान प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह, और बहुत से लोग उपस्थित रहे।




आयोजित दंगल प्रतियोगिता में उनके द्वारा भांजे जाने वाला मुकदर को भांज नही सका मुकदर को दोनों हाथों से भांज कर दिखाने वाले को दिखाने वालों को मुख्य अतिथि ठाकुर प्रकाश सिंह ने पन्द्रह हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की कई पहलवानों ने मुगदर उठाने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे इस इक्यावन. इक्यावन किलो के मुगदर को सिर्फ समर बहादुर पहलवान दोनों हाथों से भांजते थे उसके बाद आज तक कोई भी मुगदर को भांज नही सका है ।