प्रतापगढ़ जिले में ए.टी.एल– ऑटो ट्रैक्टर लिमिटेड के बारे में जानते है की तब क्या थी और अब क्या है?
ए.टी.एल – ऑटो ट्रेक्टर
लिमिटेड के फाउंडर जिले के राजा दिनेश सिंह थे जो की इसे उत्तर प्रदेश के उस समय
के मुख्यमंत्री राम नरेश यादव (जनता पार्टी) के समय में लाये, इस फैक्ट्री में मुख्यत
ट्रेक्टर, कार तथा जीप के इंजन बनते थे. बताया जाता है की ए.टी.एल 1778 में शुरू हो
चूका था जो की लगभग 120 एकड़ में फैला हुआ था, यहाँ मुखतः मूलभूत सुविधाए भी प्रदान
की गयी जी एस.बी.आई. बैंक शाखा, स्कूल, नवोदय विद्यालय, पिक्चर हाल तथा पॉवर हाउस
इसके साथ साथ 190 रूम टेऊंगा कॉलोनी में कर्मचारियों के लिए बनाये गए| यह मुख्यतः
कटरा मेदिनीगंज के पास बडनपुर गाँव के पास बना| जिसे जिले में बाद में प्रताप
ट्रेक्टर के नाम से भी जाना गया|
अब बात करते है वहां पर
कार्य करने वाले कर्मचारियों की जब यह फैक्ट्री शुरू हुई तो उस समय वहां 1300 स्थायी कर्मचारी थे तथा उनके साथ 300 कर्मचारी
अस्थायी भी थे| यहाँ मुख्यतः प्रताप 284 ट्रेक्टर तथा ऑटो लैंड 4000 जीप इंजन बनता
था जिसमे ट्रेक्टर का इंजन तो भारत वर्ष की मांग को पूरा करता था. वही जीप के इंजन की
मांग इंग्लैंड, तुर्किस्तान और इंडोनेशिया में प्रमुखता के साथ साथ सम्पूर्ण विश्व
में थी | काम को दो शिफ्ट में किया जाता था इसके अलावा काम की मांग इतनी थी की इन्हें
ही ओवरटाइम लगाना पड़ता था| अचानक आया वर्ष 1990 जब मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव जी (जनता दल) के समय में इस फैक्ट्री को बंद करने का निर्णय लिया गया | उद्योगपति आर.के. सिपानी
जी ने बाद में इसे चलाने का प्रयास किया परन्तु वो विफल रहे|
ए.टी.एल के ऊपर हर पार्टी
ने राजनीति ही की बस, चलाने का प्रयास किसी ने नहीं किया आज ऐ.टी.एल की ये हालत है
की हर दिवार उसकी गिर चुकी है और आस पास के गाँव वाले उसकी ईंट तक ले जा चुके हैं,
वही लोहा, दरवाजा, खिड़की सब चोरी हो चुकी है, अब यह एक खंडहर के रूप में तब्दील हो चुका है |
मनीष त्रिपाठी
