पूरे भारत में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान का पूरा असर प्रतापगढ़ के बैंक कर्मचारियों पर पड़ा सभी ने हड़ताल कर दी और अपना विरोध जताया। कर्मचारियों का कहना है बैंकों के निजीकरण और उनका विलय घातक है और उन्होंने इसके लिए तीखा विरोध जताया। प्रतापगढ़ जिले में करीब 50 करोड़ रुपये के आदान प्रदान प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। पूरे प्रतापगढ़ में इस हड़ताल के दरमियान एटीएम ही लोगों का सहारा बने रहे।22 अगस्त दिन मंगलवार को पहले ही घोषित कार्यक्रम के अनुसार बैंक कर्मचारियों ने अपनी अनेक प्रकार की मांगों के लिये हड़ताल की। पंजाब नेशनल बैंक के ठीक सामने हुई जनसभा में अलग अलग बैंक से आए कर्मचारियों ने पूरी जनसभा को संबोधित कर विरोध जताया। बैंक इम्प्लाइज यूनियन के प्रतापगढ़ जिलामंत्री नरेंद्र प्रसाद मिश्रा ने कहा कि बैंक कर्मचारी और देशवासियों के हित के लिये यह हड़ताल की गई है। एन.पी. मिश्रा ने सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों के निजीकरण सहित अन्य कई मांगों को लेकर विरोध जताया। कर्मचारियों ने आगाह किया कि अगर उनकी मांगे न मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की शुरुआत की जाएगी।
एल.डी.एम.ए.एन. सिंह ने बताया कि इस हड़ताल में केवल ग्रामीण बैंक को छोड़कर सभी बैंक के कर्मचारी शामिल रहे। इसी के चलते करोड़ों का लेनदेन प्रभावित हुआ है।