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बेल्हा में अखिल भारतीय डाक सेवकों के कई मांगों को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के ७वे दिन कुंडा में डाक सेवकों ने डाक खाने में डाक वाहन को प्रवेश नही दिया। प्रवेश द्वार पर ही गाड़ी को अवरोधित कर दिया गया। इसके साथ ही डाक सेवकों ने गगनभेदी नारेबाजी जमकर की। और यह भी कहा कि यदि उनकी समस्या का निवारण शीघ्र अति शीघ्र नही हुआ तो सरकार को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
हफ्ते भर से धरने पर बैठे डाकघरों में डाकसेवकों ने मांगों को लेकर सातवें दिन भी जम के धरना प्रदर्शन किया। डाकसेवकों ने कुंडा के डाकघर में तो डाकखाने में भारतीय डाक के वाहन तक को प्रवेश नहीं दिया। प्रवेशद्वार पर ही गाड़ी को अवरोधित कर दिया गया और चालक समेत सभी कर्मचारियों को कार्य करने से मना किया गया। गेट पर ही मांगो को लेकर सप्ताह भर से धरने पर बैठे डाकसेवकों का धरना 16 अगस्त से शुरू हुआ है। मंगलवार के दिन भी इनका प्रदर्शन कुंडा और संग्रामगढ़ में मांगो को लेकर जारी रहा। प्रदर्शनिकारियों की मांगों में कमलेश चंद्र की Pay Commission Report लागू होने, डाक विभाग के कर्मचारियों से 8 घंटे काम लिए जाने, पेंशन के लिए, ग्रेज्युटी में वृद्धि के लिए, GDS वर्कर्स को स्थाई किए जाने की मांग शामिल रही। इस दौरान शिवसागर तिवारी, अभय कुमार, अमित, जयंत, सुभाष चंद्ररामसेवक, रमाशंकर मिश्र, पुष्पेंद्र, बृजलाल, सुरेश, एहसान उल्ला, रामशिरोमणि, अनिल तिवारी, , मुस्ताक अहमद, नंदकृष्ण दुबे, सुरेंद्र मिश्र,कमलेश सिंह, समर बहादुर, विनोद शुक्ला, अशोक कुमार, जानकी, गोपेश मिश्र, दशाराम, दीनानाथ, नीता मिश्रा, मूलचंद्र इत्यादि उपस्थित रहे।
