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प्रतापगढ़| कुंडा के शेखपुर आशिक गाँव में जिस समय जिला प्रशासन शेखपुर स्थित हनुमान जी के मंदिर पर सूबे के पूर्व मंत्री राजा भैया के पिता भदरी नरेश राजा उदय प्रताप सिंह द्वारा आयोजित होने वाले विवादित भंडारे पर प्रतिबन्ध लगाने में जुटा था। उसी दिन शेखपुर में निकले जुलुस में जिलाधिकारी द्वारा लागू निषेधाज्ञा की धज्जियाँ उडायी जा रही थी। क्षेत्र में बढ़ते संभावित सांप्रदायिक तनाव को नजर में रखते हुए जिलाधिकारी शम्भू कुमार ने भदरी, शेखपुर गाँव सहित पुरे कुंडा क्षेत्र में धारा 144 लगा दिया था। जिससे सांप्रदायिक हिंसा न भड़के। कानून की यह धरा लगाये जाने पर सार्वजनिक स्थान पर हथियार ले कर घूमना अथवा अस्त्र शस्त्र का प्रदर्शन पूर्णतः वर्जित है। प्रशासन द्वारा सभी ताजियादारों से एक फॉर्म भरवाया गया था जिसमें शांति पूर्ण ढंग से जुलुस निकालने का डीएम ने निर्देश दिये थे। धारा 144 के बाद जुलुस में तलवारे लहराना कानूनन जुर्म था। लेकिन डीएम के इतने कड़े निर्देशों के बावजूद मुहर्रम के जुलुस में अनेक मुस्लिम युवको ने खुलेआम तलवारे लहराकर कानून का उल्लंघन किया, मानो उन्हें प्रशसन का भय ही न हो। प्रतापगढ़ समाचार ने इस मुद्दे को प्रमुखता से छापा।
लेकिन अब प्रशासन इन्हें बख्शेगा नही। इस मामले की प्रशासन ने इन्वेस्टीगेशन शुरू करा दी है। जांच पड़ताल के बाद दोषी पाए जाने वाले युवकों पर कानूनन यथोचित कार्रवाई की जाएगी।
