जिले में तेंदुए के बाद अब भेड़हा ने आकर मचाया आतंक - Pratapgarh Samachar

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मंगलवार, 30 जनवरी 2018

जिले में तेंदुए के बाद अब भेड़हा ने आकर मचाया आतंक


प्रतापगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्र में जानवरों ने जो आतंक मचाया है वह वाकई अफ़सोस जनक है। प्रतापगढ़ के  प्रशासन पर व वन विभाग की टीमों के मुंह पर एक काला टीका है जो बरबस ही एक खीझ  पैदा करता है। चाहे तेंदुए का आतंक हो चाहे जंगली सुअरों का या फिर साँड़ का । इन सबका कुछ करने के लिए न जिला प्रशासन सोच रहा है न वन विभाग की टीम । इस समय बस जिले की जनता परेशान है। गरीब किसान सांड़ों से परेशान और अमीर और गरीब दोनों तेंदुए और जंगली सुअर से लेकिन इनके नाक में दम कर देने के बाद अब आतंक मचाने भेड़हा आ गया है जिसे शुद्ध हिंदी में लकड़बघ्घा कहते हैं।
     आइये आपको पूरी खबर पर ले चलते हैं बहुत हुई डायलॉग बाज़ी तो हुआ यूं कि एक जंगली जानवर ने एक सुअर को पहंट के दबोच लिया। अच्छा जब सुअर गहींहीं चिल्लाई तो सुअर के शोरशराबे पर ग्रामीणों ने सुअरबाड़ा घेर लिया।  लेकिन होना वही था जो होता आया है अंधेरा होने का पूरा फायदा उठाते हुए वह जंगली जानवर सरसों के खेत में जाकर दुबक गया।  इतना बड़ा हौआ बना की रात में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।

अच्छा आइये पूरी बात जानिए अब प्रतापगढ़ के रैयापुर गांव में शेखू सरोज का सुअरबाड़ा है हुआ यूं कि रविवार की देर रात करीब वही 11 बजे होंगे कि एक जंगली जानवर उस सूअरबाड़े में घुसा और एक सुअर को लपक कर दबोच  लिया। सुअर भड़भड़ा के हड़बड़ा कर चिल्लाने लगी तब आवाज सुनकर आसपास के लोग बाहर निकले तो उन्होंने एक जानवर को देखा जो सुअर को दबोचे हुए था। लेकिन किसी की हिम्मत पास जाने की न हुई क्यों कि तेंदुए का डर यहाँ भी था। खैर शोरशराबे पर बाबू का पुरवा, चौरा सहित आसपास के गांवों के लोग मौके पर जुटे और उसे घेर लिया। लेकिन पता नहीं कैसा घेराव किया कि अंधेरा होने का फायदा उस जानवर ने ही उठाया और बगल सरसों के खेत में घुस गया।

अब डर और अफवाह का बाज़ार गर्म हुआ तो सूचना पर तेंदुए को पकड़ने के लिए बनी वन विभाग टीम के राजकुमार, गुलाब सिंह, अजय कुमार श्रीवास्तव व प्रताप सिंह मौके पर रात में ही पहुंचे। इन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी ।
सलाह इसलिए दी क्यों कि आए दिन हो रही घटनाओं से आम लोगों में दहशत का माहौल है। जबकि खास लोग बंदूक बगल में रख सोते हैं। ग्रामीणों से पूछताछ करने के बाद वन विभाग की टीम जंगली जानवर को भेड़हा(लकड़बग्घा) बता रही है। लेकिन गांव के। कुछ लोग डरे हुए हैं इसी वजह से स्पष्ट रूप से कुछ कहा नहीं  जा रहा जा है। वन विभाग वाले थोड़ी बहुत मेहनत कर लगातार वह पिंजरा रख रहे हैं , लेकिन लग रहा है भेड़हवा चालाक है इसीलिए कोई सफलता नहीं मिल पा रही है।