योगी के संगठन हिन्दू युवा वाहिनी ने की धर्म की राजनीति, नहीं दिया हनुमान मंदिर भंडारे को समर्थन - Pratapgarh Samachar

Breaking

सोमवार, 2 अक्टूबर 2017

योगी के संगठन हिन्दू युवा वाहिनी ने की धर्म की राजनीति, नहीं दिया हनुमान मंदिर भंडारे को समर्थन



कुंडा के शेखपुर में भंडारे के विहिप व दुर्गा वाहिनी के समर्थकों की पुलिस हिरासत और राजा उदय प्रताप सिंह को उनके किले में नजर बंद करने वाले मामले में खुद योगी आदित्यनाथ द्वारा बनाये गए संगठन हिंदू युवा वाहिनी ने अपना समर्थन नहीं दिया। इस हिंदूवादी संगठन ने पूरे मामले से किया किनारा किया जबकि मामला राजनीतिक था ही नहीं मामला पूरी तरह से हिंदुओं की अस्मिता से जुड़ा हुआ था। इस अस्मिता को योगी सरकार ने सपा सरकार के तरह ही तुष्टीकरण के तराजू पर तौल दिया। जबकि हिन्दू मुस्लिम को बराबर अधिकार देना ही सही फैसला होता।


   हिंदू युवा वाहिनी प्रयाग विभाग के प्रभारी कुंवर ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह का ने बयान देते हुए कहा कि न हिन्दू युवा वाहिनी संगठन इस भंडारे का समर्थन करता है और न कि इसकेे कार्यकर्ता भंडारे के समर्थन में शामिल थे। अब धर्म के लिए बना संगठन भी चेहरा देख के कार्य करता है। कितनी अजीब बात है कि सरकार ने हिन्दू धर्म के कार्यक्रम को रुकवा कर खुद को प्रतापगढ़ी हिंदुओं की नज़र में गिरा दिया और और प्रतापगढ़ी मुस्लिमों को खुश किया जबकि दोनों को खुश रखा जा सकता था।


    ज्ञानेंद्र का कहना है कि "विहिप और राजा उदय प्रताप सिंह के प्रस्तावित भंडारे से हमें कोई मतलब नहीं है न ही हिन्दू युवा वाहिनी का कोई कार्यकर्ता पुलिस हिरासत है। सरकार ने कानून व्यवस्था को बहुत ही अच्छे ढंग से संचालित किया है।"


  कुंडा से लेकर प्रतापगढ़ शहर तक युवाओं से लेकर बूढ़ों तक में दिखा सरकार और प्रतापगढ़ प्रशासन के ख़िलाफ़ रोष, पूरे दिन व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग भंडारे और ताज़िया की स्थिति का जायजा लेते रहे। लोगों ने कहा कि सबसे बड़ी मायूसी इस बात की योगी की सरकार में यह जो भी किया गया वह पच नहीं रहा हम सब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जबकि प्रतापगढ़ के मुस्लिमों खुशी की लहर थी लेकिन प्रबुद्ध मुस्लिमों ने कहा कि सरकार चाहती तो प्रतापगढ़ प्रशासन के साथ मिलकर दोनों समुदायों के धार्मिक आयोजन को बड़े आराम से करा सकती थी लेकिन सरकार ने कोई रिस्क नही लिया।