आपकी पत्नी का दुसरे पुरुष से प्रेम सबंध होगा तो आप क्या करेंगे? ऐसे सवालों का जवाब देकर प्रतापगढ़ के विनोद पाण्डेय बने जज - Pratapgarh Samachar

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रविवार, 22 अक्टूबर 2017

आपकी पत्नी का दुसरे पुरुष से प्रेम सबंध होगा तो आप क्या करेंगे? ऐसे सवालों का जवाब देकर प्रतापगढ़ के विनोद पाण्डेय बने जज


प्रतापगढ़ से जज बने विनोद कुमार पाण्डेय और उनका परिवार 
प्रतापगढ़| उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा संचालित सिविल जज प्रवेश परीक्षा (PCS -J) 2016 का परिणाम पिछले हफ्ते आया। प्रतापगढ़ जनपद के लालगंज रहिवासी विनोद कुमार पाण्डेय ने इस परीक्षा में कामयाबी प्राप्त की। उन्हें आल UP तीसरी रैंक मिली, जो बेहद प्रशंसनीय और जिले के लिए गौरव की बात है। विनोद कुमार पाण्डेय से विशेष वार्ता में उन्होंने हमसे परीक्षा के इंटरव्यू में पूछे गये सवालों को साझा किया, जिनके जवाब देकर उन्हें सिविल जज के परीक्षा में सफलता मिली है।

12वीं कक्षा उत्तीर्ण करते ही विनोद ने ज्वाइन की थी वायु सेना 
जज बनने पर खुशियाँ बनाते मिठाई खिलाते लोग 
अपनी बेटी के साथ विनोद 
- विनोद कहते है कि, "मैं मूल रूप से प्रतापगढ़ की लालगंज तहसील के रामगढ़ रैला नमक गाँव निवासी हूँ। मेरे पिता पोस्ट ऑफिस में बतौर एजेंट कार्यरत हैं।"
- "मैंने बचपन बहुत तंगी और गरीबी में बिताया है। साल 1997 में 12वीं कक्षा पास करते ही मेरा चयन वायु सेना में सार्जेंट के रूप में टेक्निकल विंग हो गया था। मैंने नौकरी करते हुए आगे की पढ़ाई भी कंटिन्यू रखा। साल 2010 में मेरी पोस्टिंग सपनो के शहर मुंबई में हुई। उसी दरम्यान मैंने मुंबई विश्वविद्यालय से वकालत की डिग्री पूरी की। मैंने शाम और रात का क्लासेज अटैंड करते हुए वकालत की पढाई पूरी की। मैं यही नही रुका इसके बाद वर्ष  2013 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मैंने LL.M (वकालत में परास्नातक) किया। वर्ष 2014 में मैंने नेट भी पास कर लिया था।"



मुंबई बम ब्लास्ट केस के वकील उज्जवल निकम से मिली थी प्रेरणा 
अड० उज्जवल निकम 
विनोद पाण्डेय कहते हैं, "मुंबई में वकालत की पढाई के दौरान आये दिन कार्यशालाए (वर्कशॉप) आयोजित होती थीं, जिनमें कई नामचीन शख्सियत, वकील और न्यायधीश अपने जीवन, कार्य के अनुभव साझा करते थे। वहीं मेरी भेंट मुंबई बम ब्लास्ट से जुड़े जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त प्रसिद्ध फौजदारी वकील एवं पब्लिक प्रॉसिक्यूटर  उज्ज्वल निकम से हुई। उनका प्रेरणादायी लेक्चर मेरे जीवन का टर्निंग प्वाइंट था। मैं इतना प्रभावित हुआ कि मैंने वायुसेना से स्वैक्षिक सेवा-निवृत्ति (VRS) लेकर सिविल सर्विस परीक्षा क्रैक करने का दृढ संकल्प लिया।"
वर्ष 2016 में मैं अपने घर लालगंज लौटा और UP PCS-J की प्रिपरेशन में लग गया। मेरा पहले प्रयाश में चयन हो गया।"
विनोद कुमार पाण्डेय और उनकी पत्नी 
परीक्षा के साक्षात्कार में इन प्रश्नों का उत्तर देकर क्रैक किया PCS-J और बने जज 
- विनोद का इंटरव्यू दिनांक 18 सितंबर 2017 को इलाहाबाद में डॉ० लॉरिक यादव की अध्यक्षता वाले बोर्ड ने उनका साक्षात्कार लिया। पैनल में एक उच्चन्यायलय के जज और दो सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स उपस्थित थे। साक्षात्कार लगभग 20 मिनट तक हुआ था। 

- विनोद से पूछा जाने वाला सबसे इंट्रेस्टिंग सवाल  निम्न रहे- 

प्रश्न- "यदि आपको पता चले कि आपकी पत्नी के किसी अन्य आदमी से अवैध सम्बंध हैं, तो आप क्या करेंगे?"
जवाब- मैं IPC की धारा 497 का प्रयोग करके उस आदमी के विरुद्ध केस दर्ज कराऊंगा।

प्रश्न- "क्या ऐसे सिचुएशन में आप अपनी वाइफ के अगेंस्ट भी कोई कार्रवाई कर सकते हैं ?"
जवाब- इस स्थिति में मेरी वाइफ दोषी नहीं मानी जाएगी। मैं उसके विरुद्ध कोई क़ानूनी कार्रवाई नहीं कर सकता।

प्रश्न -"किन लेखको की किताबे आपने सबसे ज्यादा पढ़ी है?"
जवाब - डॉ एपीजे अब्दुल कलाम और स्वामी विवेकानंद 

प्रश्न -"डॉ एपीजे अब्दुल कलाब की बुक्स से आपको क्या प्रेरणा मिली?"
जवाब - जीवन में सफल होने के लिए बड़ा लक्ष्य चुनें।  सपने वे नहीं होते, जो सोते समय दिखते हों, बल्कि सपने तो वे होते हैं, जो व्यक्तिको सोने न दे। 

प्रश्न -"हाल में कौन सी फिल्म देखी और उससे क्या प्रेरणा मिली आपको?"
जवाब - दंगल देखी थी, जिसमें दिखाया गया था की बेटा-बेटी को एक बराबर समझे। शिक्षा जैसी हर जरुरत का ध्यान दें।"

प्रश्न -"आप इकलौते बेटे है और आपकी दो बेटियां है, आपने बेटे के लिए प्रयास क्यों नही किया?
जवाब - मेरी बेटियां बेटो से कम नही। मेरे जीवन में ऊर्जा का संचार करती है। बेटी माँ-बाप को वह हर सुह दें सकती है जो लोग बेटो से अपेक्षा करते है।"

प्रश्न -"क्या माता-पिता और बहनों ने भी कभी बेटे के लिए दबाव नही बनाया?"
जवाब - हाँ बनाया, बहुत ही ज्यादा दबाव बनाया। लेकिन मई और मेरी पत्नी पहले से ही तय कर चुके है कि हमारे बेटियां ही बेटे है।

प्रश्न -"जीवन की एकबड़ी घटनाएँ बताइए जिनसे आपको बहुत ख़ुशी मिली?"
जवाब - सबसे ज्यादा ख़ुशी एयरफोर्स में नौकरी मिलने से हुई थी। गरीब परिवार से था और और वो हमारी जरुरत थी। ऐसी कोई घटना नही हुई जिसे सचकर दुखी होता हूँ।

प्रश्न -"किसी भी केश के लिए स्पेशल लीव पिटीशन कब फाइल की जाती है?"
जवाब - जब अपील के सारे रास्ते खत्म हो जाते है तब। उसे एक्सेप्ट करने का पावर सर्वोच्च न्यायलय के पास है। वह चाहे तो एक्सेप्ट करे या रिजेक्ट करे। 

प्रश्न -" जजों की नियुक्ति कैसे होती है?"
जवाब - भारतीय संविधान की धारा 124 (2) के अनुसार जजों की नियुक्ति होती है।

प्रश्न -"आप एडमिनिस्ट्रेशन किसे मानते है?"
जवाब - सरकारी तंत्र और जिसकी सरकार हो उसे। (हालाकि मेरे जवाब से इंटरव्यू पैनल संतुष्ट नही थे।)