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गौरतलब है कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी गरीबों को स्थायी पक्का मकान देने का निर्णय लिया था। इस योजना को जल्द ही धरातल पर भी उतार दिया गया और अब तक कच्चे घर या बेघर रहने वाले लोगों को इस योजना से राहत मिली थी। खासकर वो गरीब जो पक्के आशियाने में रहने का स्वप्न देखते थे ऐसे लोगों का सपना साकार भी हो गया। लेकिन जैसे तमाम योजनाएं लूट खसोट व भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी थी वैसे ही प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रधान व ब्लॉककर्मियों द्वारा जमकर लूटखसोट देखने को मिली। जानकारी दे दें कि प्रधानमंत्री आवास उन्हीं लोगों को मिलना था जिनके पास पक्के मकान नहीं हैं। लेकिन बेल्हा के सरकारी तंत्र की लूट और जिम्मेदार अधिकारियों के जमकर घूस लेने की आदत ने इस योजना को भी पारदर्शी नहीं छोड़ा। और इसमें प्रधानों व अधिकारियों ने जमकर कमाई की। शनिवार को मंगरौरा ब्लाक के एक ग्राम प्रधान ने अपने एक साथी के साथ मिलकर एक लाभार्थी महिला से जबरन उसके 40 हजार में से दस हजार रुपये छीन लिए । लेकिन पीड़ित लाभार्थी कौशिल्या देवी ने इस मामले की शिकायत कंधई एसओ से की जिसमें प्रधान राम बहादुर व पंचायत मित्र शीतला प्रसाद पर मुकदमा पंजीकृत हो गया। इधर कई अन्य गांवों में भी गरीबों को आवास दिलाने के नाम पर प्रधान, ब्लाक के जिम्मेदार कर्मचारियों ने लोगों को जमकर ठगा है। अब एक प्रधान पर मुकदमा दर्ज होने के बाद लोग कौशिल्या देवी की तरह उच्च अधिकारियों का दरवाजा खटखटाएंगे तो न्याय जरूर मिलेगा। इस पूरे प्रकरण की जानकारी होने के बाद भी डीएम शंभू कुमार व सीडीओ राजकमल यादव कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं ।
क्या कहते है एसओ कंधई-
छिनैती की इस घटना के बारे में कंधई एसओ कृष्णबीर सिंह ने बताया कि महिला की शिकायत पर ग्राम प्रधान रामबहादुर व पंचायत मित्र शीतला प्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
