प्रतापगढ़ वासियों को प्रतापगढ़ से चलने वाली ट्रेनों ने नानी याद दिला दी, कारण आप जान लीजिए - Pratapgarh Samachar

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बुधवार, 15 नवंबर 2017

प्रतापगढ़ वासियों को प्रतापगढ़ से चलने वाली ट्रेनों ने नानी याद दिला दी, कारण आप जान लीजिए



ठंडी आयी और कोहरा छाया की ट्रेनों लेट होने का सिलसिला शुरू सरकार किराया के रूप में कितना भी पैसा आप से वसूल ले लेकिन फिर आप सही समय पर यात्रा की गारन्टी नहीं दे सकता रेलवे यही हाल प्रतापगढ़ का है।अधिकांश ऐसे यात्री हैं जो प्रतापगढ़ से रोजाना लखनऊ, बनारस व इलाहाबाद में ड्यूटी करते हैं। वे ट्रेनों से ही घर और ड्यूटी आया जाया करते हैं। ट्रेनों के देरी चलते उन्हें काफी परेशान होना पड़ रहा है। समय से वे ड्यूटी नहीं पहुंच पा रहे हैं। ड्यूटी के समय पर वे ट्रेनों में सफर ही करते रहते हैं। ट्रेनों की लेटलतीफी के पीछे रात से लेकर भोर तक धुंध और कोहरा वजह बताया जा रहा है। कोहरे के चलते लोको पॉयलट को सिग्नल नहीं दिखाई पड़ता है। इसके चलते वे परेशान होते हैं। हादसे से बचने के लिए चालक ट्रेनों की स्पीड घटा देते हैं। जिससे ट्रैन और लेट हो जाती है।



रेल प्रशासन दावा करता है कि कोहरा और धुंध से निपटने के लिए ट्रेनों में फॉग डिवाइस लगा दिया गया है। लेकिन प्रतापगढ़ से बनकर चलने वाली ट्रेन हो या फिर इस रास्ते से गुजरने वाली ट्रेनों में अभी तक फॉग डिवाइस नहीं लगाया गया है। बताया जाता है कि सिग्नल से करीब दो सौ मीटर दूर से ही डिवाइस चालक को सिग्नल के बारे में जानकारी दे देता है। बुधवार को ही कोहरे के चलते दिल्ली से चलकर प्रतापगढ़ आने वाली पद्मावत एक्सप्रेस करीब पांच घंटे की देरी से प्रतापगढ़ पहुंची।



वहीं पुरी से नई दिल्ली जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस तकरीबन 6 घंटे, देहरादून से बनारस जाने वाली जनता एक्सप्रेस लगभग तीन घंटे विलंब से प्रतापगढ़ पहुंची। प्रतापगढ़ से दिल्ली जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस करीब तीन घंटे देरी से दिल्ली के लिए रवाना हुई। वहीं लोको लॉबी इंचार्ज एमबी सिंह का कहना है कि रात में चलते वाली ट्रेनों के चालकों को फॉग डिवाइस दे दिया गया है। ट्रेनों की स्पीड रेल मुख्यालय से कम किया गया है। इसके चलते ट्रेनों की लेट होने की समय सीमा बढ़ गई है।