अमृतकथा को सुनने से धुलते हैं जीवन के पाप : स्वामी ओमानंद जी महाराज - Pratapgarh Samachar

Breaking

बुधवार, 15 नवंबर 2017

अमृतकथा को सुनने से धुलते हैं जीवन के पाप : स्वामी ओमानंद जी महाराज

लालगंज के पूरे बनवारी गांव में श्री रामकृष्ण ओझा के यहाँ आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन कथा कहते हुए कथाव्यास "भागवतभूषण" स्वामी ओमानंद जी महाराज ने कहाकि जिस तरह से अमृत कथा को सुनकर महापापी धुंधकारी भी परम धाम को प्राप्त हुए। इसी तरह से कथा का श्रवण कर मनुष्य भी अपना लोक सुधार सकते हैं। उन्होंने कहा कि गोकरण की समृद्धि से अपने भाई की आत्मा को भटकने से बचाकर उसे सत्मार्ग की राह दिखाई। उसके कानों में श्रीमद् भागवत कथा पड़ते ही वह भी स्वर्ग चला गया। यह कथा सम्पूर्ण कथा जीव के कल्याण की कथा है। जिसे सुकदेव मुनि से राजा परीक्षित ने सुनी थी और वह अपने जीवन के बचे दिन भगवत चर्चा में लगाकर ईश्वर के परम धाम को प्राप्त हो गए। 
इस दौरान यजमान रामकृष्ण ओझा, सुशील ओझा, विवेक ओझा, पारसनाथ ओझा, श्रीकृष्ण ओझा, अमरीश, संतोष, दिनकर जी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे ।