प्रतापगढ़ जिला कारागार में बंदियों ने सारे नियम ताक पर रख दिये हैं। कारागार में क्षमता से अधिक बंदी हैं। इन बंदियों में ऐसे कई बंदी हैं जिनके लिए जेल के नियम कोई मायने नहीं रखते। उन पर हाथ डालने से जेल प्रशासन भी कतराता रहता है। जेल में मोबाइल से कोई बंदी बात न कर सके इसके लिए जैमर लगाया गया है। ताकि बंदी मोबाइल से बातचीत न कर सके। जेल प्रशासन भी बंदियों के पास से मोबाइल और चार्जर कई बरामद कर चुका है। प्रतिबंध के बावजूद जेल में मोबाइल पर बातचीत जारी है। दिन में अधिकारियों के निरीक्षण का भय बंदियों मेें बना रहता है। लेकिन रात में जेल व बाहरी अधिकारियों के निरीक्षण का बंदियों में भय नहीं रहता। मौका मिलते ही बंदी मोबाइल से करीबियों से बातचीत करने लगते हैं। जेल सूत्रों की मानें तो दिन में जैमर काम करता है लेकिन रात नौ बजे के बाद जैमर बंद कर दिया जाता है। जिससे बंदी मोबाइल पर बात करने लगते हैं।
बताया जाता है कि जेल के हर बैरक में बंदियों के पास मोबाइल है। यहां तक कि स्मार्ट फोन का प्रयोग भी बंदी करते हैं, लेकिन बैरकों की जांच में मोबाइल बरामद नहीं होता। कुछ दिनों पहले जेल में बंदी की बाहरी व्यक्ति से मोबाइल पर बातचीत के दौरान तकरार हुई थी। इसका ऑडियो वायरल हो चुका है। इसके बाद भी रात होते ही प्रभावशाली बंदी मोबाइल से बातचीत शुरू कर देते हैं।
जेल अधीक्षक आरके त्रिपाठी का कहना है कि जैमर बराबर चलता है। कुछ हिस्से उसके रेंज में नहीं आते। हालांकि बैरकों की जांच रात में भी की जा रही है। निकाय चुनाव को देखते हुए बैरकों की सघन जांच की जा रही है।