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प्रतापगढ़: ठंडक से जिले में सबकी हालत ख़राब। कुहरे और ठंडक से गेंहूँ की फसल अच्छी होने की उमीद। ठंडक के चलते लोगों का घरों से बाहर निकलना हुआ दूभर, प्रशासन की तरफ से अलाव की पर्याप्त व्यवस्था न होने से राहगीरों और व्यापारियों को खासी असुविधा हो रही है।
पहाड़ी इलाकों से आने वाली बर्फ़ीली हवाओं ने जिले में ठंडक बढ़ा दिया है। बच्चों के साथ ही बड़ों व बुजुर्गों की भी हालत ख़राब है। हालाँकि ये ठंडक किसानों के लिए फायदे वाली है, गेंहूँ की फसल के लिए ठंडक आवश्यक है। लेकिन साथ ही गेंहूँ सिंचाई के समय लगने वाली ठंडक नुकसान भी कर जाती है। लापरवाही होने पर ठंडक जानलेवा भी साबित हो सकती है। ठण्ड से बचने के लिए लोग अपने स्तर पर पर्याप्त व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन स्तर पर जनपद में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। सूरज बादलों और कुहरे के पीछे छिपा हुआ है। ठंड व गलन से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों व कम्बल में लिपटे हैं। चाय की दुकानों पर खूब भीड़ देखी जा रही है।
