जिलाधिकारी शम्भु कुमार की अध्यक्षता में आज मिशन इन्द्रधनुष एवं जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक पं0 दीनदयाल उपाध्याय सभागार विकास भवन में सम्पन्न हुई। सर्वप्रथम मिशन इन्द्रधनुष की बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि यह टीकाकरण का चतुर्थ एवं अन्तिम चरण है, यह टीकाकरण अभियान 08 जनवरी से प्रारम्भ होकर 19 जनवरी 2018 तक चलेगा। बैठक में जिलाधिकारी ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये है कि मिशन इन्द्रधनुष योजना के अन्तर्गत कराये जा रहे सर्वे में आच्छादित बच्चों को जानलेवा 7 बीमारियों से पूरी तरह प्रतिरक्षित करने के लिये शत् प्रतिशत टीकाकरण कराना सुनिश्चित किया जाये जिससे मिशन इन्द्र धनुष का लक्ष्य पूर्ण हो सके। इस अभियान के अन्तर्गत कोई भी बच्चा टीकाकरण से छूटने न पाये। सभी प्राथमिक विद्यालयों में आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा एवं ए0एन0एम0 घर-घर जाकर इस प्रचार प्रसार करें। बैठक में जिलाधिकारी ने टीकाकरण अभियान के ब्लाको के इन्चार्ज से जानकारी प्राप्त की कि अब तक आप लोगों ने आशा, ए0एन0एम0, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की कितनी मीटिंगे करायी है तो वहां पर उपस्थित ब्लाको के इन्चार्ज ने बताया कि 3 मीटिंग टीकाकरण अभियान से सम्बन्धित करायी जा चुकी है। जिलाधिकारी ने बाबा बेलखरनाथ धाम के मिशन इन्द्रधनुष के इन्चार्ज से टीकाकरण अभियान की जानकारी प्राप्त की तो उनके द्वारा सही रिपोर्ट नही दी गयी जिसे संज्ञान में लेते हुये जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बेलखरनाथ धाम के इन्चार्ज से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिये। टीकाकरण अभियान के सर्वे रिपोर्ट में विकास खण्ड गौरा एवं सांगीपुर में सबसे ज्यादा मात्रा में छूटे हुये बच्चे पाये गये। इसको संज्ञान में लेते हुये जिलाधिकारी ने सी0एम0ओ0 को निर्देश दिया कि इन ब्लाको के इन्चार्ज से स्पष्टीकरण मांगा जाये। उन्होने बैठक यह भी कहा कि मिशन की कार्ययोजना को कार्यरूप देने में जिन चिकित्साधिकारियों और ए0एन0एम0 व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की लापरवाही पायी जायेगी तो उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आर0के0 नैय्यर ने आई0एम0आई0 (इनटेन्सीफाईड मिशन इन्द्रधनुष) दोनो कार्ययोजना का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी ने मिशन इन्द्रधनुष को शत् प्रतिशत सफल बनाने के लिये विभागीय समन्वय पर विशेष बल देते हुये कहा है कि मिशन को सफल बनाने के लिये पंचायती राज, बाल विकास एवं पुष्टाहार, बेसिक शिक्षा विभाग एवं आपूर्ति विभाग की सेवाये ली जाये और इन विभागो के ग्राम स्तरीय कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग लिया जाये। उन्होने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षको, आपूर्ति विभाग के निरीक्षक और कोटेदारो, ग्राम प्रधानो, रोजगार सेवको का ज्यादा से ज्यादा सहयोग लिया जिससे टीकाकरण अभियान से कोई भी बच्चा छूटने न पाये।
इस बैठक के उपरान्त जिलाधिकारी द्वारा जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय के बैठक की समीक्षा की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने ब्लाको में तैनात आशाओ के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। बैठक में उपस्थित समिति के सदस्यों ने बताया कि कुछ स्थानो पर आशाओ द्वारा सही ढंग से कार्य नही किया जा रहा है जिसे जिलाधिकारी ने संज्ञान में लेते हुये कहा कि जो आशाये सही तरीके से कार्य नही कर रही है उनको चिन्हित करके उनको बाहर किया जाये। जिलाधिकारी ने सी0एच0सी0 प्रभारियों को निर्देशित किया कि अपने अपने सी0एची0सी0 में रंगाई-पुताई, टाइल्स आदि लगवा लें जिससे कि वहां पर गन्दगी न फैले और परिसर साफ-सुथरा दिखे यदि बजट का अभाव हो तो सी0एम0ओ0 से मांगने के निर्देश दिये। सी0एच0सी0 में दवाओं का वितरण मरीजो को निःशुल्क वितरण किया जाये। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि किशोरी बालिकायें/महिलाओ को सिनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराये जिससे ग्रामीणों की महिलाओ/किशोरी बालिकाओं में स्वच्छता के प्रति जागरूकता उत्पन्न हो।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आर0के0 नैय्यर, परियोजना निदेशक अरविन्द सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक वृजेश मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी सन्तोष कुमार श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी शशिकान्त पाण्डेय सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

