बाबा घुइसरनाथ धाम परिसर का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण - Pratapgarh Samachar

Breaking

मंगलवार, 13 फ़रवरी 2018

बाबा घुइसरनाथ धाम परिसर का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण


बाबा घुइसरनाथ धाम में श्री घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन एवं जलाभिषेक हेतु 14 फरवरी को महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में लाखों भक्तों की भीड़ आती है। यहीं नहीं राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी व स्थानीय विधायक आराधना मिश्रा के नेतृत्व में 23वां राष्ट्रीय एकता महोत्सव का आयोजन किया जाना है। भारी संख्या में भक्तों व अन्य लोगों की भीड़ आती है इसलिए जिला प्रशासन को 1 महीना पहले से बैठक कर एक प्लान तैयार करना पड़ता है।



उसी को महाशिवरात्रि के एक से दो दिन पहले अंतिम रूप दिया जाता है। सबसे बड़ा मुश्किल कार्य यह होता है कि पुलिस प्रशासन व मंदिर प्रशासन का जिसे थोड़ा सा आसान बाबा घुश्मेश्वरनाथ धाम प्रसार समिति और वज्र डिफेंस अकादमी कर देते हैं। वहीं पुलिस विभाग को एक बड़े क्षेत्र में मेले को सुरक्षा प्रदान करना रहता है।     जिलाधिकारी शम्भू कुमार इन्हीं तैयारियों का जायजा लेने के लिए राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी के साथ बाबा घुइसरनाथ धाम नगरी पहुंचे। उन्होंने भक्तों की संख्या के अनुसार बैरिकेटिंग और भीड़ रोकने के लिए बनाए गए बैरियर का जायजा लिया। इसी के अंतर्गत धाम परिसर में बने जलाशय व गंगा सरोवर की स्थिति का निरीक्षण कर सई नदी पर बने छोटे पुल से होते हुए नदी उस पार बने सरकारी भवन का निरीक्षण किया।
डीएम शम्भू कुमार जब वापस लौट रहे थे तो राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने वज्र डिफेंस अकादमी के
‌संस्थापक विशाल मिश्र से भी मिलवाया। विशाल मिश्र भारतीय थल सेना में वर्तमान में वरिष्ठ ट्रेनिंग अधिकारी हैं। इन्होंने घुइसरनाथ धाम में लोकल स्तर पर एक टीम बनाई है और उसी टीम के माध्यम से उसका नेतृत्व करते हुए बाबा घुश्मेश्वर नाथ धाम में महाशिवरात्रि व सावन पर्व पर अपनी विशेष सेवा शिव भक्तों को देते हैं। यही नहीं बाबा घुश्मेश्वरनाथ धाम प्रसार समिति के सदस्यों के साथ मिलकर महाशिवरात्रि में एक बड़े स्तर पर भीड़ को नियंत्रित करते हैं और अनुशासन बनाये रखते हैं।
‌ 

अब आइये जिलाधिकारी के आगमन वाले मुद्ददे पर तो हुआ यूं कि बाबा घुश्मेश्वर नाथ धाम में जिलाधिकारी शम्भू कुमार ने इस औचक निरीक्षण के बाद सभी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को तलब किया और  निर्देश दिया कि जब तक यहां कार्यक्रम चले तब तक न बिजली कटे न पीने के पानी की कमी हो न ही सड़कों में कोई कमी दिखे । यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही वरती गयी तो यह जिम्मेदारी लेने वाले अधिकारी और कर्मचारी को दण्डित किया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस को भी उचित ढंग से अपनी सेवा का निर्वहन करने का निर्देश दिया।इसके बाद जिलाधिकारी शम्भू कुमार वापस प्रतापगढ़ मुख्यालय की तरफ चले गए।