कुंडा : अभी हाल में ही दबंगों द्वारा एक छात्र की हत्या सरेआम इलाहाबाद में कर दी गयी। छात्र को इतना मारा गया कि वह कोमा में चला गया। मारने वाले ठाकुर बिरादरी से थे और छात्र दलित बिरादरी के था। छात्र बस एक सीधा साधा छात्र था और उसकी हत्या करने वाले लोग फार्च्यूनर से चलने वाले लोग थे। बात यहीं सुलग उठी की एक गरीब को एक अमीर दबंग ने मौत के घाट उतार दिया। क्योंकि मृत छात्र दलित था इसलिए बसपा को एक मौका दिखा और बसपा ने छात्र की मौत पर सियासत गरम कर दी ।
इलाहाबाद में कुंडा विधानसभा क्षेत्र के भुलसा गांव के एक छात्र की हत्या का मामला तूल पकड़ रहा है क्योंकि छात्र की हत्या के 2 दिन बाद जब राजनीतिक लाभ उठाया जाने लगा तो मीडिया की आंख खुल गयी और उनके लिए यह छात्र एक टीआरपी वाला मुद्दा बन गया और इसी मुद्दे को भुनाने के लिए पूरा मीडिया एक एक चीज को कवरेज करने के मूड में दिख रहा है। ऐसे ही बने बनाये मुद्दे को राजनीति में बसपा ने अपने हित के इस्तेमाल के लिए सोच लिया और इसके फलस्वरूप सोमवार को बसपा के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में बसपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुंडा में छात्र के परिजनों से मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल पूर्व मुख्यमंत्री मायावती द्वारा भेजा गया था। जिन्होंने परिजनों से मिल सहानुभूति प्रकट की और साथ साथ ही योगी की सरकार पर हमला बोला। जो बोला सही बोला लेकिन इन बातों के लिए मुद्दे गर्माने की क्या जरुरत है। जब मुद्दे न हों तब भी सरकार को उसकी कमियों को बख़ूबी गिनाया जा सकता है।
दलित छात्र की हटी की घटना को लेकर बसपा के तेवर बेहद तीखे हैं। बसपा प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर ने छात्र के पिता रामलाल सरोज को बसपा प्रमुख मायावती की तरफ से सांत्वना दी साथ ही शोक व्यक्त किया। रामअचल राजभर ने कहा कि बसपा पीड़ित परिवार के साथ है।वहीं मीडिया से अपनी बात रखते हुए कहा कि समूचा प्रदेश हत्या, लूट, दुष्कर्म और अपहरण जैसी भयंकर घटनाओं से धधक रहा है। कहीं भी सरकार नाम की चीज नहीं है।पूरी तरह से जंगलराज कायम है, पूरे देश में कई ऐसी घटनाएं हुई है। इससे बसपा बेहद आहत है।उत्तर प्रदेश की जनता अब बसपा शासनकाल की याद कर रही है। फिलहाल राजभर ने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये आर्थिक मदद देने की मांग उत्तर प्रदेश सरकार से की है। यह भी बताया कि पार्टी ने मदद तो भेजी है, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने बसपा की बात रखते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में जहां भी घटनाएं हो रही हैं, वहां पार्टी प्रतिनिधिमंडल जा रहा है।बसपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ विधायक व पूर्व सांसद सुरेश पासी, पूर्व मंत्री लालजी वर्मा, पूर्व राज्य मंत्री बाबूलाल, जिलाध्यक्ष सुशील कुमार गौतम आदि थे।
इलाहाबाद में कुंडा विधानसभा क्षेत्र के भुलसा गांव के एक छात्र की हत्या का मामला तूल पकड़ रहा है क्योंकि छात्र की हत्या के 2 दिन बाद जब राजनीतिक लाभ उठाया जाने लगा तो मीडिया की आंख खुल गयी और उनके लिए यह छात्र एक टीआरपी वाला मुद्दा बन गया और इसी मुद्दे को भुनाने के लिए पूरा मीडिया एक एक चीज को कवरेज करने के मूड में दिख रहा है। ऐसे ही बने बनाये मुद्दे को राजनीति में बसपा ने अपने हित के इस्तेमाल के लिए सोच लिया और इसके फलस्वरूप सोमवार को बसपा के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में बसपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुंडा में छात्र के परिजनों से मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल पूर्व मुख्यमंत्री मायावती द्वारा भेजा गया था। जिन्होंने परिजनों से मिल सहानुभूति प्रकट की और साथ साथ ही योगी की सरकार पर हमला बोला। जो बोला सही बोला लेकिन इन बातों के लिए मुद्दे गर्माने की क्या जरुरत है। जब मुद्दे न हों तब भी सरकार को उसकी कमियों को बख़ूबी गिनाया जा सकता है।
दलित छात्र की हटी की घटना को लेकर बसपा के तेवर बेहद तीखे हैं। बसपा प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर ने छात्र के पिता रामलाल सरोज को बसपा प्रमुख मायावती की तरफ से सांत्वना दी साथ ही शोक व्यक्त किया। रामअचल राजभर ने कहा कि बसपा पीड़ित परिवार के साथ है।वहीं मीडिया से अपनी बात रखते हुए कहा कि समूचा प्रदेश हत्या, लूट, दुष्कर्म और अपहरण जैसी भयंकर घटनाओं से धधक रहा है। कहीं भी सरकार नाम की चीज नहीं है।पूरी तरह से जंगलराज कायम है, पूरे देश में कई ऐसी घटनाएं हुई है। इससे बसपा बेहद आहत है।उत्तर प्रदेश की जनता अब बसपा शासनकाल की याद कर रही है। फिलहाल राजभर ने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये आर्थिक मदद देने की मांग उत्तर प्रदेश सरकार से की है। यह भी बताया कि पार्टी ने मदद तो भेजी है, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने बसपा की बात रखते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में जहां भी घटनाएं हो रही हैं, वहां पार्टी प्रतिनिधिमंडल जा रहा है।बसपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ विधायक व पूर्व सांसद सुरेश पासी, पूर्व मंत्री लालजी वर्मा, पूर्व राज्य मंत्री बाबूलाल, जिलाध्यक्ष सुशील कुमार गौतम आदि थे।
