मोदी सरकार के बड़े बड़े दावों की पोल खोलता अमिताभ बच्चन का यह पुस्तैनी गाँव... - Pratapgarh Samachar

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गुरुवार, 8 फ़रवरी 2018

मोदी सरकार के बड़े बड़े दावों की पोल खोलता अमिताभ बच्चन का यह पुस्तैनी गाँव...


प्रतापगढ़| बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन एक तरफ टीवी ऐड में खुले में शौंच न करने की अपील करते हुए नजर आ रहे है, वहीँ उनके पुस्तैनी गाँव बाबूपट्टी में आज भी गाँव के लोग खुले में शौंच के लिए मजबूर है। जीं  हाँ, स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर बिग बी के गांव में 90 फीसदी लोग खुले में शौच करते हैं। 

यहाँ शायद दीपक तले अंधेरा वाली कहावत बिलकुल सटीक बैठती है।  बता दें कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर के रूप में पूरे देश को एक टीवी विज्ञापन के माध्यम से खुले में शौच न करने का संदेश देते नजर आ रहे हैं मगर, उनके ही पुश्तैनी गृह जनपद प्रतापगढ़ के बाबू पट्टी गाँव में ही उनका संदेश का कोई असर नही है।  बाबू पट्टी  के नब्बे फीसदी लोग आज भी खुले में ही शौच के लिए जाते हैं।  गाँव की आधे से ज्यादा आबादी तो कभी शौचालय ही नहीं गए। 

प्रशासन की कार्यप्रणाली का पोल खोलता बिग बी का यह पुस्तैनी गाँव
बिग बी के गांव बाबू पट्टी में खुले में शौंच के लिए विवश ग्रामीण 

निसंदेह, इसमें तो अमिताभ बच्चन की कोई गलती नहीं है, बल्कि प्रशासन की ढीली कार्यप्रणाली का है।  जिले के रानीगंज तहसील अंतर्गत ग्रामसभा बाबूपट्टी अमिताभ बच्चन के पुरखों का गांव है।  इसी बाबूपट्टी की भूमि में  ही उनके पिता प्रसिद्द कवि एवं साहित्यकार डॉ० हरिवंश राय बच्चन का जन्म व लालन-पालन हुआ था।  बाद में बच्चन जी का परिवार इलाहाबाद आकर बस गया।  अब जब भी ग्रामीण टीवी पर अमिताभ बच्चन को खुले में शौच के विरुद्ध संदेश देते सुनते हैं, तो उनके हृदय में टीस उठती है।  कारण है गाँव में शौचालय का न होना।  सरकार ने अपनी ओर से इस गाँव में अब तक शौचालय बनवाने में कोई दिलचस्पी ही नहीं दिखायी।  एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी अपने द्वारा किये हुए कार्यो को गिनाते नही थकती नही वहीं दूसरी ओर बिग बी का यह गाँव मोदी सरकार और स्वच्छ भारत मिशन के बड़े बड़े दावों की पोल खोल रहा है। 

शौचालय के लिए बजट नही हुआ अभी तक पास, करता पड़ा 2 महिना इंतजार 

बाबूपट्टी गाँव में कुल 218 परिवार रहते हैं।  सरकारी रिकार्ड्स के मुताबित 48 शौचालय निर्माण की स्वीकृत मिल चुकी हैं।  संबंधित परिवारों ने तो अपने घरो में शौचालय के लिए गड्ढे आदि खोदकर पूरी तैयारी भी कर ली है मगर, अभी भी शौचालय निर्माण अभी भी नही हो पाया है, क्योंकि इसके लिए प्रशासन से बजट ही नही पास हुआ है।  अब जब सरकार के तरफ से धन मिले तब तो शौचालय का निर्माण हो।  वहीं इस क्षेत्र के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) राज कमल यादव ने कहा कि बाबू पट्टी गांव पर ख़ास नजर है।  एक दो माह के अन्दर ही इस गांव को जितने बजट की आवश्यकता है, उसे देकर गांव के लोगो को खुले में शौच से मुक्त कर दिया जायेगा। 
हालाकि जब गाँव की प्रधान कलावती से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जैसे ही प्रशासन की ओर से बजट आएगा, टॉयलेट बनवा दिया जाएगा। मगर अब भी उनका मानना है कि इसके बावजूद भी गांव में सभी को शौचालय शायद ही मिल पाएगा।