जिन व्यक्तियों का आस-पास के क्षेत्रों में आतंक व भय व्याप्त है और उनके विरूद्ध कोई भी व्यक्ति कुछ बोलने अथवा साक्ष्य देने का साहस नही करता है तथा कतिपय व्यक्ति जिनके द्वारा गुण्डई के बल पर महिलाओ का उत्पीड़न, छेड़-छाड़ व बलात्कार की घटना कारित की गयी है उनके विरूद्ध कड़ा रूख अपनाते हुये जिला मजिस्ट्रेट शम्भु कुमार ने गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत धारा-3(3) के तहत कार्यवाही करते हुये जनपद की सीमा से 06 माह के लिये निष्कासित कर दिया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने आज जिन 14 गुण्डों को जिला बदर किया है उनमें थाना जेठवारा अन्तर्गत सोनपुर निवासी फैयाज पुत्र माफूज एवं सराय लोहंगराय निवासी विनोद कुमार यादव पुत्र राम लाल, थाना संग्रामगढ़ अन्तर्गत नेवादाकला निवासी सुनील पुत्र माता प्रसाद केसरवानी, थाना अन्तू के गोबरी निवासी पुजारी पुत्र दयाराम हरिजन, थाना बाघराय के धनवसिया निवासी सोनू मिश्रा पुत्र छोटेलाल मिश्रा, थाना उदयपुर के कुम्भीआइमा निवासी रिजवान पुत्र रफीक एवं ग्राम कुसौली के बृजेश कुमार पुत्र राम बहादुर, थाना आसपुर देवसरा के ग्राम सेतापुर के 02 गुण्डे सुरेश चौरसिया पुत्र जगराम एवं अजय चौरसिया पुत्र राम बहादुर, थाना कंधई के 03 गुण्डे जिसमें ग्राम ओझला के श्यामशंकर उर्फ पिविल पुत्र शिव प्रसाद, राजापुर मुफरिद के मो0 मोबीन पुत्र हिदायत उल्ला एवं गंगेहटी के अशोक कुमार सिंह पुत्र वीरेन्द्र प्रताप सिंह को, थाना रानीगंज के चकसारा निवासी खुर्शीद पुत्र मुख्तार तथा थाना फतनपुर के छानापार निवासी रवि सिंह उर्फ बन्टी पुत्र वीरेन्द्र प्रताप सिंह को आगामी 6 माह के लिये जिला बदर का आदेश दिया है।
