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गांजा और स्मैक बेचने वाले गिरोह भी अब अपने अवैध बिज़नस चलाने के लिए तकनीकी और सोशल मीडिया का प्रयोग कर रहे हैं। ऐसा मामला आया है जिसमे पुलिस से महुली में बचने के लिए सोशल मीडिया ऐप व्हाट्सएप के माध्यम गांजा और हेरोइन बेचा जा रहा था। पुलिस ने रेड मारकर समाजवादी पार्टी नेता सहित तीन लोगों को धर दबोचा। इनके पास से लगभग 5 किलो गांजा और 82 पुड़िया स्मैक जब्त हुआ। पकडे गए आरोपियों में से एक आरोपी का मोबाइल की दुकान था। उसे व्हाट्सएप के थ्रू गांजा, स्मैक का ऑर्डर मिलता था।
प्रतापगढ़ एसपी शगुन गौतम ने कहा कि कोतवाली पुलिस ने माधवगंज महुली में जोर देकर हेरोइन और गांजा जैसे नशीले पदार्थों के विक्रय करने वाले 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पकडे गए आरोपियों के पास से 82 पुड़िया स्मैक और 5 किलो गांजा के साथ रुपये और सिक्के मिले है। हेरोइन कारोबारी ओम प्रकाश के कारगार में बंद होने के बाद से उसकी वाइफ सररूपा देवी ने इस अवैध धंधे को संभाल लिया था। ओम प्रकाश की पत्नी सररूपा देवी अपने देवर प्रदीप कुमार और पति के दोस्त अनिल यादव निवासी पंजाबी मार्केट के साथ मिल कर नशीले पदार्थों का धंदा करती थी। अनिल यादव समाजवादी पार्टी से सम्बन्ध रखता है। वह Whatsapp के माध्यम से स्मैक, गांजा खरीद फरोख्त करता था। जिन लोगों को गांजा और स्मैक की आवश्यकता होती थी। वे पहले उससे फोन पर डील करने के बजाय Whats'App से ऑर्डर देते थे। जिसके बाद पैसे मिलने पर उसे गांजा व स्मैक की पुड़िया ग्राहक के बताये ठिकाने पर पहुंचा दिया जाता था। सररूपा देवी अपने घर पर उन्हीं लोगों को मादक पदार्थ देती थी, जिसे वो भलीभांति परिचित थी। कोतवाली पुलिस ने अनिल यादव, प्रदीप कुमार व सररूपा देवी को अरेस्ट कर बंदीगृह भेज दिया। इनके पास से पचास हजार कीमत का गांजा, बीस हजार कीमत की हेरोइन की पुड़िया के अतिरिक्त 18 हजार 5 सौ रुपये और 1405 रुपये के कॉइन पकडे गए। ये रकम महज एक दिन की कमाई थी।
