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प्रतापगढ़ के किसानों को बैंकों ने ऋण देने से मना करने वाले बैंक जल्द ही उनके लिए अपना दरवाजा खोलने जा रहे हैं। राज्य की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने NPA(नॉन परफार्मेसी एकाउंट) खातों के ऋण की भरपाई करने का निर्णय लिया है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जनपद की सभी बैंक शाखाओं से ऐसे एकाउंट्स और धनराशि का विवरण उपलब्ध कराने को कहा है ।
कृषकों का 1 लाख तक का ऋण माफ करने की प्रक्रिया को तेज करने के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने NPA खातों में बकाया कर्ज माफ करने का फैसला किया है। गवर्नमेंट के इस फैसले से बेल्हा के 28,789 किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। सबसे अधिक NPA खाते जिला सहकारी बैंक में हैं। बैंक के अधिकारियों की मानें तो जिला सहकारी बैंक में ही लगभग 18,000 खाते हैं। एनपीए खातों का कर्ज माफ करने से कृषको को कितनी धनराशि का लाभ होगा, यह अभी स्पष्ट नही हो पाया है। शासन ने भी अभी स्पष्ट नहीं किया है कि NPA एकाउंट्स का पूरा ऋण माफ होगा या केवल 1 लाख ही माफ होगा। इससे ऑफिसर्स भी अभी संशय में है। फिलवक्त 31 मार्च 2016 तक के NPAखातों का ब्यौरा सभी बैंकों शाखाओं से तलब किया गया है।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की सरकार NPA का पूरा ऋण माफ कर देती है, तो यह किसानों के लिए बहुत बड़ी रिलीफ होगी। वास्तव मे, जिस किसान का खाता NPA हो जाता है, उसे बैंक कर्ज नहीं देते हैं। बैंक से कर्ज नहीं मिलने के कारण कृषक साहूकारों व सेठ के चंगुल में फंस जाता है, और फिर वह कभी ऋण से मुक्ति नही पता है। यदि NPAखातों के कर्ज सरकार ऐडा कर देती है तो किसानों को ऋण लेने के लिए एक बार फिर बैंक्स के दरवाजे खुल जाएंगे।
NPA आकोउन्ट्स का कर्जा मुक्त करने की अनाउंसमेंट सरकार ने तो कर दी है, लेकिन शासन बिना आधार कार्ड लिंक के कोई ऋण माफ करने को रेडी नहीं है। 31 मार्च 2015 के बैंक एकाउंट्स में किसी भी किसान का आधार लिंक नहीं हुआ है। ऐसे में ऋण मुक्ति में विडम्बना हो सकती है।
बैंकों से कर्ज लेने वाले अधिकतर कृषक ऐेसे हैं, जिन्होंने अन्य कई बैंकों से कर्ज लिया है। कुछ किसान ऐसे भी हैं जो 1 लाख ऋण मुक्ति का भी फायदा ले रहे हैं और दूसरी शाखा में NPA खातों के कर्जमुक्ति का फायदा लेने का कोशिश करेंगे। लेकिन शासन एक कृषक को एक ही लाभ देना चाह रहा है। ऐसे में कुछ NPA एकाउंट्स का ऋण माफ करना प्रॉब्लम साबित हो सकता है।
