किसी माफिया से कम नही है बेल्हा के अफसर, जमीन घोटाले में DM कर रहे जांच - Pratapgarh Samachar

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सोमवार, 21 अगस्त 2017

किसी माफिया से कम नही है बेल्हा के अफसर, जमीन घोटाले में DM कर रहे जांच


प्रतापगढ़ : एक तरफ सरकार और प्रशां भू-माफियाओ पर लगाम कसने की तैयारी कर रही है। उधर दूजी ओर पूर्व सरकार के दौरान कई अधिकारी भू-माफिया से भी आगे निकल गए। इन अधिकारीयों ने गाँव-समाज की संपत्ति को बगैर ग्राम सभा के मंजूरी के ही अन्य के नाम कर दिया। रानीगंज में ऐसे लगभग चार सौर मामले प्रकाश में आए हैं। जिनकी इन्वेस्टिगेशन डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने शुरू कर दी है।
रानीगंज तहसील में काफी वक्त से यह खेल खेला जा रहा है। जिसमें ग्रामसभा को किनारे कर के ग्राम पंचायत की भूमि की लोगो को बाँट दी गई है। इसके लिए जमीन आवंटन के अनेक नियमों की धज्जियाँ उड़ा दी गई है। यहां तक कि अन्य इलाकों और गाँवो के लोगों को भी जमकर भूमि आवंटित करने में परहेज नही किया गया है। तहसील में कुछ लोग जिनका दबदबा है, उन्होंने तहसील के अधिकारीयों से सांठगाँठ कर सालों से ऐसा करवा रहे हैं। जिससे निकटवर्ती इलाकों के ग्राम प्रधान और ग्रामीण बहुत परेशान हैं। इस बात की कम्प्लेन लंबे वक्त से की जा रही है। इस मामले में तहसील में नियुक्त रहे कई अफसरों का रोल संदिग्ध बताई जा रही है।
तहसील क्षेत्र में भूमि आवंटन और नामांतरण के ऐसे लगभग चार सौ मामले प्रकाश में आये है ऐसा बताया जा रहा है। जिनकी कंप्लेन मिलने पर डीएम प्रतापगढ़ शरद कुमार सिंह ने इसकी इन्वेस्टिगेशन शुरू करा दी है। इस मामले की इन्वेस्टिगेशन से बड़ा स्कैम सामने आने का अनुमान है। साथ ही इसमें पूर्व में नियुक्त कई अफसरों पर भी संकट के बादल मंडरा रही है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सोमदत्त मौर्य ने कहा कि इस मामले की जांच SDM ज्योत्सना यादव कर रही हैं। शीघ्र ही इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट आ जाएगी। जिसके बाद आगे कार्रवाई जाएगी।

सौकड़ों बीगाहा जमीन का मामला 
रानीगंज में ग्राम पंचायत की भूमि में हुए इस गड़बड़झाला में कितनी जमीन का घपला हुआ है। यह अभी तक साफ नहीं है, कारण इन्वेस्टिगेशन अभी तक प्राइमरी स्टेज में ही है। मगर यह मना जा रहा है कि मामला सैकड़ों बीघा भूमि का आवंटन गलत ढंग से हुआ है। जिसके आदेश रद्द कर उसे पुनः ग्राम पंचायत को लौटाया जायगा। इस जमीन की वैल्यू करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है।