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कल मुजफ्फरनगर के खतौली में उत्कल एक्सप्रेस भीषण रेल हादसे के कुछ घंटों पश्चात प्रदेश में एक और बड़ा रेल हादसा होते-होते बचा। कानपुर से झांसी की ओर जा रही प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस शनिवार के मध्य रात्रि में दुर्घटना होने से बच गई। रात लगभग 1.24 बजे मलासा और पुखरायां के मध्य प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस जब निकल रही थी तभी एकाएक रेल की पटरी टूट गई। झटके के साथ आई तेज खडख़ड़ाहट की आवाज सुन लोको पायलट ने सतर्कता एहतियात करते हुए फ़ौरन इमरजेंसी (आपातकालीन) ब्रेक लगाए। यद्यपि ट्रेन जब तक थमती तब तक आधी ट्रेन टूटी पटरी से पार कर गई थी। लोको पायलट ने तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारीयों को घटना की जानकारी दी। इस पर पुखरायां व मलासा रेलवे स्टेशन के आला अधिकारी अपने दल के साथ मौके पर पहुंचे और पटरी की मरम्मत हुई।
बाद में गार्ड ने पटरियों की परिक्षण कीकिया तो पाया कि इंजन से 12वीं बोगी के नीचे पटरी टूटी (रेल फैक्चर) है। शुक्र है की कोई बड़ी अप्रिय हादसा नहीं हो पाया। जानकारी मिलते ही रेल पथ निरीक्षक मौके पर पहुंच गए। बाद में उनकी निर्देश पर ट्रेन को 10 किलोमीटर की धीमी स्पीड से आगे बढ़ाया गया। गाड़ी के निकलने के बाद रेल फैक्चर को सही किया गया।
