प्रतापगढ़ के सड़े हुये सिस्टम से सुधार की उम्मीद करना बेकार - Pratapgarh Samachar

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मंगलवार, 26 सितंबर 2017

प्रतापगढ़ के सड़े हुये सिस्टम से सुधार की उम्मीद करना बेकार


प्रतापगढ़। लोक निर्माण विभाग के प्रवेश द्वार पर 2 वर्ष पहले नो इंट्री के बैरियर से एक ओवर लोडेड ट्रक पुलिस को रिश्वत देने से बचने के लिये भागा तो अनियंत्रित होकर बिजली के पोल से जा भिड़ा,जिससे दर्जन भर बिजली पोल के पोल धराशाई हो गई। ये तो शुक्र था कि आपूर्ति के दौरान पोल और लाइन जमीन पर आ गिरने के बावजूद कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। नहीं तो दोपहर का वक्त सड़क पर इतनी ट्रैफिक कि जिस तरह से चलती लाइन के दौरान पोल और तार जमीन पर गिरे,उससे यदि हादसा होता तो सैकड़ों की जान चली जाती। इसके बाद भी जिम्मेदार तीनों विभाग, बिजली,नगरपालिका और लोक निर्माण, जिसका कार्यालय है,वो खुद लापरवाह बना हुआ है। पिछला पोल जो क्षति ग्रस्त होकर कई जगह से बैण्ड हो गया था,वो मौके से आजतक नहीं हटा। नगरपालिका अपना डम्पिंग प्लेस भी उसी स्थान पर बना रखा है। पूरे देश में पीएम,सीएम सहित मंत्री और सांसद/विधायक और उनकी नौकरशाही भी हाथ में झाडू लेकर जब साफ सुथरी सड़क पर झाडू डांस करते हैं,तो देखते ही बनता है। कार्यालय के गेट पर कूड़ा घर और साफ सुथरी सड़क पर झाडू डांस समझ से परे है।
भारत स्वच्छता अभियान के तहत करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे है,परंतु सुधार धरातल पर कहीं दिख नहीं रहा। घटना,दुर्घटना और हादसों से व्यवस्था में बैठे जिम्मेदार लोग सबक नहीं लेते और अगले हादसे का इंतजार करते हैं। तभी तो आज तक जो बिजली का पोल डैमेज हुआ था,वो वहीं गिरा पड़ा है। जब ये हाल लोक निर्माण विभाग के मुख्य गेट का है तो अन्य जगहों का भगवान ही मालिक हैं। जबकि लोक निर्माण विभाग के बड़े अधिकारी अपनी नाक के नीचे की व्यवस्था नहीं सुधार पा रहे हैं तो और व्यवस्था कैसे ठीक करेंगे ? सामने दीवानी न्यायालय का प्रवेश द्वार और 500 मीटर दूर जिलाधिकारी आवास एवं 500 मीटर दूर कलेक्ट्रेट और नगरपालिका का दफ्तर है। फिर भी लोक निर्माण विभाग के प्रवेश द्वार पर कूड़ा घर और नो इंट्री का उल्टा हुआ बैरियर सिस्टम से उम्मीद किये बैठा कि कभी उसका भी दिन बहुरेगा।