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तालाब से कोकाबेली तोड़ने के दरम्यान एक किशोर तालाब में समा गया। गाँव के लोगो ने जब उसे बाहर निकला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। यह मामला संग्रामगढ़ क्षेत्र के विजयीमऊ गाँव का हैं, यहाँ के रहने वाले भोलेशंकर का इकलौता 10 वर्षीय पुत्र शिवा दस दिन पूर्व अपने ननिहाल कुंडा के तिरछा गांव आया हुआ था। बृहस्पतिवार को सबेरे वह गाँव के बच्चों के संग घर के नजदीक ही एक तालाब में कोकाबेली (कुंइया बेरा भी कहते है) तोड़ रहा था। इस बीच उसका पैर दलदल में फस गया और तालाब में डूब गया। किशोर के साथ आये बच्चों के शोर मचाया तो स्थानीय गाँव के लोग मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीण शिव को तालाब से बाहर निकालने में सफल रहे मगर तब तक शिव की मौत हो चुकी थी। इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिजनो में मातम छा गया। परिजन बिलख बिलख कर रोने लगे। मौके पर पहुंची कुंडा पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
